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गलत मूल्यांकन परीक्षकों को पड़ा भारी, 10 पर जुर्माना


NAZO ALI SHEIKH 10/07/2019 16:31:37
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New Delhi. यूपी बोर्ड में कांपियों का गलत मूल्यांकन करना परीक्षकों को भारी पड़ेगा। बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर परीक्षकों द्वारा गलत मूल्यांकन करने पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। ये अहम निर्णय बोर्ड ने ग्रीवांस सेल को मिली शिकायतों और सरकार के निर्देश पर लिया है। बताते चलें कि यह नियम लागू होते ही 2019 के बोर्ड परीक्षाओं की कांपियों का मूल्यांकन करने में लापरवाही बरतने पर 10 परीक्षकों पर जुर्माना लगाया गया है। यही नहीं बोर्ड ने एक्शन लेते हुए परीक्षकों को 5 साल तक के लिए मूल्यांकन कार्य से डिबार कर दिया है।

यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव के अनुसार उत्तर पुस्तिाकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी करने को लेकर 6 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में 10 परीक्षकों को लापरवाही बरततने पर जुर्माना लगाया गया है। पांच परीक्षकों के खिलाफ 20-20 हजार और पांच अन्य के खिलाफ 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने के साथ ही परीक्षकों को उत्तर पुस्तिका जांचने पर रोक लगाते हुए पांच वर्ष के लिए डिबार कर दिया गया। यही नहीं परीक्षकों के डिप्टी हेट एक्जामिनर (डीएचई) के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया है। 

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अपर सचिव शिव प्रकाश द्विवेदी कहना है कि ग्रीवांस सेल में आई शिकायत के अनुसार उत्तर पुस्तिका के दोबारा मूल्यांकन में एक परीक्षार्थी का नंबर इतना अधिक बढ़ा कि वह मेरिट में आ गया। यह देख बोर्ड ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए यह कदम उठाया है। फिलहाल आपको बता दें कि अब ये व्यवस्था आने वाले हर बोर्ड परीक्षाओं में लागू होगी। यदि कोई भी परीक्षक गतल मूल्यांकन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 

Web Title: False evaluation examiners suffered heavy, fine on 10 ( Hindi News From Newstimes)


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