क्‍या राहुल गांधी अब कामराज-2 प्‍लान पर कर रहे काम?, पढ़ें पूरी रिपोर्ट


RAJNISH KUMAR 15/07/2019 12:23:37
1351 Views

Lucknow. लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद राहुल सहित करीब 200 नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों की सूची में कई प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव और अहम पदों बैठे लोग शामिल हैं। इन नेताओं के इस्तीफे 56 साल पुराने पार्टी के इतिहास को दोहराते दिख रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोची समझी रणनीति के तहत ही अपना इस्तीफा दिया था। 

15-07-2019122736rahulgandhik1

राजननीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी अपने शून्य की स्थिति में नजर आ रही है और यह ​स्थिति कोई नई नहीं है। कांग्रेस के सामने ऐसी स्थिति पहले भी नजर आ चुकी हैं, लेकिन गांधी परिवार ने अपनी रणनीति के बलबूते देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को फिर से मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया था। कांग्रेस की शून्य स्थिति पहली बार साल 1963 में सामने आई थी, जब देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे।

दरअसल, साल 1962 में भारत और चीन युद्ध के बाद कांग्रेस पार्टी सवालों से घिरी हुई थी। प्रधानमंत्री जवाहर लाल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर विपक्ष के हमले तेज हो रहे थे। इस बीच चुनाव भी नजदीक थे। तब कांग्रेस की स्थिति शून्य जैसी स्थिति हो गई थी, लेकिन कांग्रेस के लिए संकटमोचक बनकर एक नेता सामने आया, जिसका नाम था के. कामराज। कामराज ने कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंकने के लिए एक नया प्लान बनाया था, जो कामराज प्लान के नाम से जाना गया।

15-07-2019122740rahulgandhik2

के. कामराज ने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए एक सुझाव दिया था कि पार्टी के बड़े नेता जो सरकार में बैठे है, उन्हें अपने इस्तीफे देकर अपनी ऊर्जा को पार्टी में नई जान फूंकने ​के लिए लगाएं। इसकी शुरूआत कामराज ने अपने इस्तीफे से की थी। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री, बाबू जगजीवन राम, मोरारजी देसाई सहित तमाम वरिष्ठ नेताओं ने अपने सरकारी पदों से इस्तीफा दे दिया था। यही नहीं, नेहरू सरकार के कैबिनेट मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने पदों से इस्तीफे दे दिए थे। 

इसके बाद सभी नेता पार्टी की मजबूती को लेकर जुट गए। कामराज प्लान से कांग्रेस पार्टी को जहां एक तरफ बल मिला, वहीं प्रधानमंत्री नेहरू को कैबिनेट में नई टीम बनाने का भी मौका मिल गया। कामराज के इस प्लान ने विपक्षी दलों के हाथ से एक सुनहरा मौका छीन लिया था और कामराज कांग्रेस के सबसे विश्वसनीय पार्टी नेता के तौर पर उभरे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी तीन बार रहे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की करारी हार होने के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर कामराज प्लान—2 की शुरुआत कर दी है। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कई प्रदेशों के कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी महसचिव और बड़े पदों पर बैठे नेताओं ने अपने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं। 

कांग्रेस पार्टी में अब तक करीब 200 नेताओं ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं, लेकिन सबसे अहम बात ये रही कि इस्तीफा देने वाले नेताओं में ​अधिकतर युवा हैं। कांग्रेस नेताओं ने पहले राहुल गांधी से इस्तीफा लेने की मांग पर अड़े हुए थे, लेकिन राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े हुए हैं।

इसके बाद राहुल गांधी ने मीडिया के सामने आकर कहा कि अब वह कांग्रेस अध्यक्ष नहीं है, पार्टी को नया अध्यक्ष चुन लेना चाहिए। हालांकि राहुल गांधी ने शर्त रखी थी कि गांधी परिवार से कोई भी अध्यक्ष नहीं बनेगा। वहीं, राहुल गांधी ने ​अपने इस्तीफे को लेकर चार पेज की चिट्ठी भी लिखी थी। चिट्ठी में राहुल गांधी ने कई ऐसी बाते कहीं, जिससे ऐसा लग रहा था कि वह अभी संतुष्ट नहीं हुए हैं।

15-07-2019122743rahulgandhik3

राहुल गांधी ने अपनी चिट्ठी में साफ तौर से कहा था कि चुनाव में हार की मैने अपनी जिम्मेदारी ले ली है, लेकिन अन्य नेताओं को भी अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके बाद कुछ नेताओं के इस्तीफे तो सामने आए, लेकिन केंद्रीय राजनीति में जमे ​पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है, हालांकि राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद से इन नेताओं पर दबाव जरूर आया।

माना जा रहा है कि यदि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जो 70 साल की उम्र पार कर चुके हैं, अपने पदों से इस्तीफा देकर पार्टी की मजबूती के लिए जुट जाएं तो राहुल गांधी पार्टी को नए कलेवर में ले जा सकते हैं, क्योंकि पार्टी में नए युवा नेताओं को मौका मिलेगा, जिससे पार्टी को एक नई ऊर्जा मिलेगी। 

 

 

Web Title: kya rahul gandhi kamraj 2 plan par kar rahe kam ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया