उत्तराखंड: सहायक शिक्षक बनने की राह आसान, हाईकोर्ट ने ये बाध्यता खत्म की


NAZO ALI SHEIKH 21/07/2019 14:54:09
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New Delhi. उत्तराखंड में अब अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक बनने की राह आसान हो गई है। नैनीताल हाईकोर्ट ने प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनने के लिए बीएड व स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन कर शिक्षक बन सकेंगे।

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बताते चलें कि सहायक शिक्षक बनने के लिए 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता को नीतू पाठक व अन्य ने चुनौती देते हुए याचिका डाली थी। याचिका में कहा गया था कि कोर्ट के पिछले निर्णयों के प्रतिकूल है। ऐसे में इस प्राविधान को खत्म किया जाए। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने इस प्रकरण में सुनवाई की।

अदालत के समक्ष तथ्य रखा गया कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनने के लिए बीएड में 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता रखी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए छूट दी थी।

बताते चलें कि उत्तराखंड में मार्च 2019 में सहायक अध्यापक बनने के लिए भर्ती प्रक्रिया में 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता का नियम लाया। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका डालकर इसे समाप्त करने की अपील की गई। एकलपीठ ने 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के बलदेव सिंह बनाम राज्य सरकार के फैसले को आधार बनाते हुए यह अहम निर्ण दिया है।

Web Title: Uttarakhand: The road to becoming a teacher is easier, the High Court has fulfilled this obligation. ( Hindi News From Newstimes)


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