माननीयों की सुरक्षा पर चली गृह मंत्रालय की कैंची, कुछ की हटी तो कुछ की घटी


DEEP KRISHAN SHUKLA 24/07/2019 12:49:16
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New Delhi. स्टेटस सिंबल के रूप में देखी और आंकी जाने वाली वीआईपी की सुरक्षा पर इस बार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ी बारीकी से कैंची चलाई है। गृह मंत्रालय के इस कदम का असर देश भर माननीयों की सुरक्षा में देखने को मिलेगा। इसमें यूपी के डिप्टी सीएम से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री तक शामिल है। कुछ माननीयों सुरक्षा जहां बिल्कुल हटा ली गयी है वहीं कुछ की सुरक्षा में कटौती कर दी गयी है। 

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बता दें कि देश भर के नेताओं की सुरक्षा के नाम हर माह लम्बा खर्च आता है। किसी को वाई तो किसी को वाई प्लस, किसी को जेड तो किसी को जेड प्लस स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। 
प्रत्येक तीन माह पर सुरक्षा की समीक्षा भी गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है जिसके आधार पर ही आगे की सुरक्षा बढ़ाई जाती है। 
इस बार रिव्यू रिपोर्ट आने के बाद गृहमंत्रालय ने बड़ें पैमाने पर माननीयों की सुरक्षा पर कैंची चलाई है। 

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जिन नेताओं की सुरक्षा पर यह कैंची चली है उन्हें सर्वाधिक माननीय उत्तर प्रदेश हैं। इसमें यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम भी शामिल है। 
अखिलेश यादव के साथ चलने वाला एनएसजी घेरा अब नहीं नजर आएगी। उनकी सुरक्षा अब पुलिस के हवाले होगी। 
इसके अलावा बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र, संगीत सोम, साक्षी महाराज जैसे दिग्गजों की सुरक्षा भी घटना दी गयी है। 
मंत्री सुरेश राणा, आचार्य प्रमोद कृष्णम, ओपी माथुर, कुंवर सर्वेश सिंह, राघव लखन पाल, शिव चरण गुप्ता, इंद्रेश कुमार, रामशंकर कठेरिया, उदित राज, अनिल सिंह, ब्रजेश सौरभ, जयवीर सिंह, मोती सिंह, निहालचंद्र, सलीम शेरवानी, विजय पाल तोमर जैसे माननीयों को अब गृह मंत्रालय सुरक्षा नहीं उपलब्ध कराएगा।
इन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य की स्थानीय पुलिस की होगी। 

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Web Title: Home Ministry's scissors on the security of VIPs ( Hindi News From Newstimes)


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