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जिस बड़ी मुसीबत से बचे थे अखिलेश और मुलायम, फिर वही आफत गले पड़ी


ABHIMANYU VERMA 13/08/2019 12:32 PM
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New Delhi. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के केस में सीबीआई द्वारा जांच बंद करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट में याचिका दायर करके आरोप लगाया गया है कि सीबीआई ने सबूतों को दबाते हुए यादव परिवार के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं दर्ज करने में मदद की। 

Petition filed again against Akhilesh and Mulayam in case of disproportionate assets

वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि सीबीआई ने इस साल मई में शीर्ष कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया था कि उसे मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे। इसलिए 7 अगस्त 2013 को जांच बंद कर दी गयी। 

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आगे यह भी कहा गया कि सीबीआई ने यह भी दावा किया कि उसने सीवीसी को अक्टूबर 2013 में इस मामले की रिपोर्ट भी सौंपी है। हालांकि उनकी आरटीआई याचिका के जवाब में सीवीसी ने 5 जुलाई को साफ किया कि उन्हें सीबीआई की ओर से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। 

चतुर्वेदी ने याचिका में आरोप लगाया है कि सीबीआई ने कोर्ट में गलत बयान पेश किया है और सीबीआई जांच को कानूनन गलत भी ठहराया। याचिका में मांग की है कि सीबीआई को सही जांच रिपोर्ट पेश करने और 2007 और 2013 के आदेश के बाद उठाए गए कदम के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए जाएं।

Web Title: Petition filed again against Akhilesh and Mulayam in case of disproportionate assets ( Hindi News From Newstimes)


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