वकील से सुप्रीम कोर्ट में कहा- बाबरी के स्लैब में थे संस्कृत के शिलालेख


DEEP KRISHAN SHUKLA 20/08/2019 15:40:52
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New Delhi. मंगलवार को राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद की सुप्रीम कोर्ट में आठवें दिन सुनवाई हुई। बता दें कि यह मामला 6 अगस्त से रोजाना सुना जा रहा है। इस दौरान रामलला विराजमान के वकील ने बाबरी विध्वंस का जिक्र करते हुए दावा किया कि ढांचे से निकलने वाले कुछ स्लैब में संस्कृत भाषा में कुछ लिखा था। उन्होंने इससे संबंधित कुछ तस्वीरें भी कोर्ट में पेश की। 

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मंगलवार सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने कई तथ्य रखे। 
उन्होंने दलील देते हुए कहा कि विवादित जमीन पर मस्जिद बनाने के लिए मंदिर ढहाया गया था। 
इसके पीछे उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की खुदाई का हवाला देते हुए कहा उसमें कई चीजें सामने आई हैं जिनके मुताबिक वहां मंदिर था। 
उन्होंने अदालत में बाबरी विध्वंस का भी जिक्र करते हुए कहा बाबरी मस्जिद से जो पत्थर निकले थे, उसपर संस्कृत में कुछ लिखा था। 
वैद्यनाथन ने कोर्ट में 'पंचजन्य' के पत्रकार की ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़कर सुनाई। जिसमें इस बात का जिक्र था कि जब स्लैब गिर रहे थे उनमें संस्कृत भाषा में कुछ लिखा हुआ था। इन स्लैब को बाद में पुलिस ने जब्त कर लिय था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि रिपोर्टर के पास उन स्लैब की तस्वीरें भी थी। 
रामलला विराजमान के वकील की दलील पर जस्टिस बोबड़े ने सवाल किए कि स्लैब कहां से मिल थे और कहां से पता लगा कि स्लैब वहां से आ रहे हैं? जस्टिस चंद्रचूड ने पूछा कि शिलालेख को लेकर भी क्या चैलेंज किया गया है?
न्यायमूर्तियों के सवालों पर वकील ने बता कि स्लैब पर लिखे कंटेंट का अनुवाद या सिलालेख की प्रमाणिकता को चैलेंज नहीं किया गया। 
स्लैब विवादित जमीन से मिला या नहीं इस संबंध में उन्होंने 1950 में ली गयी कुछ तस्वीरें भी कोर्ट में पेश की। 

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  अब तक सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या क्या हुआ
- 6 अगस्त को सुनवाई के पहले दिन निर्मोही अखाड़ा ने पूरी 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर अपना दावा किया। 
- 7 अगस्त को बेंच ने पक्षकार निर्मोही अखाड़े से संबंधित 2.77 एकड़ भूमि के दस्तावेज पेश करने के आदेश पर कहा 1982 में डकैती में सभी दस्तावेज गुम हो गए। 
- 8 अगस्त को बेंच ने पूछा कि एक देवता के जन्मस्थल को न्याय पाने का इच्छुक कैसे माना जाए, जो इस केस में पक्षकार भी हो। इस पर वकील ने कहा था कि हिंदू धर्म में किसी स्थान को पवित्र मानने और पूजा करने के लिए मूर्तियों की आवश्यकता नहीं है। नदियों और सूर्य की भी पूजा की जाती है। 
- 9 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के वकील से पूछा था कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? जिस पर वकील ने इस संबंध में जानकारी न होने की बात कही थी। हलांकि बाद में जयपुर राजघराने की दीयाकुमारी ने खुद को श्रीराम के बड़े बेटे कुश के वंशज होने का दावा किया था। इसी दिन मुस्लिम पक्ष ने हफ्ते में पांच दिन सुनवाई पर आपत्ति जताई थी।
- 13 अगस्त को हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यनाथन ने मंदिर के अस्तित्व को लेकर दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा था- इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले में विवादित जगह पर मंदिर होने का जिक्र है। हाईकोर्ट के जस्टिस एसयू खान ने कहा था कि यह मस्जिद मंदिर के टूटे-फूटे हिस्से पर बनाई गई है।
- 14 अगस्त को रामलला विराजमान के वकील ने कहा कि हिंदुओं का विश्वास है कि अयोध्या भगवान राम का जन्मस्थान है और कोर्ट को इसके तर्कसंगत होने की जांच के लिए इससे आगे नहीं जाना चाहिए। इस दौरान वकील ने मुगल काल में विेदशी यात्री विलियम फिंच और विलियम हाकिन्स के यात्रा वृतांत का हवाला दिया था जिसमें उन्होंने राम जन्मभूमि और अयोध्या का जिक्र किया है। 
- मामले की सातवीं सुनवाई में वकील ने विवादित स्थल की खुदाई का जिक्र किया जिसमें श्रीकृष्ण, शिव तांडव और श्रीराम के बाल रूप की तस्वीरों का हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि देवी-देवताओं के चित्र मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर में मिले थे। 

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Web Title: The lawyer told the Supreme Court- Sanskrit inscriptions were in the slab of Babri ( Hindi News From Newstimes)


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