जानिये, क्याें डगमगा रही हैं हिन्दी की मशालें


MANJU GUPTA 13/09/2019 09:55:53
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Lucknow. दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली चौथी भाषा यानी हिंदी जो कि विश्व की प्राचीन समृद्ध और सरल भाषा है। हिंदी भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में बोली जाती है। वैसे तो हिन्‍दी दुनिया की चौथी ऐसी भाषा है, जिसे सबसे ज्‍यादा लोग बोलते हैं, इसके बावजूद हिन्‍दी को अपने ही देश में हीन भावना से देखा जाता है। आमतौर पर हिन्‍दी बोलने वाले को पिछड़ा और अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा जाता है।

is the torch of Hindi shaking

साल 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है, इस दिन संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इस निर्णय के बाद हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

वैसे तो भारत विभिन्‍न्‍ताओं वाला देश है, यहां हर राज्‍य की अपनी अलग सांस्‍कृतिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक पहचान है और बोलचाल की भाषा भी अलग अलग है। इसके बावजूद हिन्‍दी भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। यही वजह है कि राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी ने हिन्‍दी को जनमानस की भाषा कहा था। भारत सालों तक अंग्रेजों का गुलाम रहा और उस गुलामी का असर लंबे समय तक देखने को मिला, यहां तक कि इसका प्रभाव भाषा में भी पड़ा।

इसे हिन्‍दी का दुर्भाग्‍य ही कहा जाएगा कि इतनी समृद्ध भाषा कोष होने के बावजूद आज हिन्‍दी लिखते और बोलते वक्‍त ज्‍यादातर अंग्रेजी भाषा के शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया जाता है और तो और हिन्‍दी के कई शब्‍द चलन से ही हट गए, ऐसे में हिन्‍दी दिवस को मनाना जरूरी है ताकि लोगों को यह याद रहे कि हिन्‍दी उनकी राजभाषा है। हिन्‍दी दिवस मनाने के पीछे मंशा यही है कि लोगों को एहसास दिलाया जा सके कि जब तक वे इसका इस्‍तेमाल नहीं करेंगे तब तक इस भाषा का विकास नहीं होगा।

ये हिन्‍दी की ताकत है कि अब लगभग सभी विदेशी कंपनियां हिन्‍दी को बढ़ावा दे रही हैं। यहां तक कि दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल भी अब हिन्‍दी और अन्‍य क्षेत्रीय भाषा वाले कॉन्‍टेंट को प्रमुखता दे रहा है। शुद्ध हिंदी बोलना और समझना आज के युवाओं के लिए चुनौती बनता जा रहा है लोग अपने बच्चों को आगे बढ़ाना तो चाहते हैं, अंग्रेजी स्कूलों में भेजना चाहते हैं पर उन्हें हिंदी का भाषा का ज्ञान देना नहीं चाहते। लोगों की यही मानसिकता को बदलने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है। भारत की संस्कृति और नीव हिंदी भाषा से जुड़ी हुई है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है।

Web Title: is the torch of Hindi shaking ( Hindi News From Newstimes)


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