मिट्टी की सुगंध के बिना कला अधूरी- डॉ उत्तम पचारणे


DEEP KRISHAN SHUKLA 21/09/2019 15:12:47
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- 25 सितंबर तक चलेगा अष्टलक्ष्मी राष्ट्रीय पूर्वोत्तर चित्रकार शिविर 
- ललित कला अकादेमी के क्षेत्रीय केंद्र में हो रहा आयोजन 

Lucknow. ललित कला अकादेमी क्षेत्रीय केन्द्र अलीगंज में अष्टलक्ष्मी राष्ट्रीय पूर्वोत्तर चित्रकार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के प्रतिभागी अपने कला कौशल का प्रदर्शन करेंगे। शिविर का शुभारम्भ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व संस्कार भारती की संस्थापक पद्श्री बाबा योगेन्द्र ने किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में मुकेश कुमार मेश्राम (आईएएस), मंडलायुक्त लखनऊ औऱ वरिष्ठ कलाकार सुमन मजूमदार भी मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. उत्तम पाचारणे ने मुख्यअतिथि और विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। राज्य ललित कला अकादमी उ.प्र. के अध्यक्ष आर.एस.पुंडीर भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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डॉ. उत्तम पचारणे ने अपने संबोधन में युवा वर्ग विशेष रूप से महिला कलाकरों को कला के प्रति बढ़ावा दिया और साथ ही यह विश्वास दिलाया कि ललित कला अकादेमी सभी कलाकरों को पूर्ण रूप से सहयोग करने के लिए तत्पर है। उन्होनें बताया कला उस मनुष्य की हो जाती है जिसको कलाकार बनाता है। जिस कला मेे उसकी धरती की सुगंध ना हो वह कला अधूरी रह जाती है। यह भी कि पोर्टरेट विधा पर केन्द्रित यह शिविर कलाकारों, कला प्रेमियों एवं कला छात्रों के लिए बहुत उपयोगी होगा। उन्होंने अकादेमी की अन्य गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला जो कि भविष्य में आकार लेंगी। 
विशिष्ट अतिथि मुकेश कुमार मेश्राम, आईएएस मंडलायुक्त, लखनऊ ने अपने संबोधन में भी कला कि सराहना करते हुए एक स्क्रैप शिविर का प्रस्ताव बढ़ाया। 

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शिविर में आए अन्य अथितियों ने अपने अपने संबोधन में कला की प्रशंसा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ कलाकार सुमन मजूमदार ने कहा पूंछ के बिना जानवर और कला के बिना मनुष्य अधूरा होता है। 
ललित कला अकादेमी के क्षेत्रीय सचिव प्रभारी वेणुगोपाल पाराशर ने बताया कि इस शिविर में कुल 23 कलाकार पूर्वोत्तर के आठ राज्यो एवं भारत के विभिन्न हिस्सों से आमंत्रित किए गये हैं जिससे पूर्वोत्तर के कलाकारों को लखनऊ की संस्कृति एवं विरासत को देखने और समझने का अवसर प्राप्त हो और साथ ही लखनऊ के कलाकारों को भी पूर्वोत्तर की संस्कृति की झलक मिलेगी। इस तरह का आयोजन लखनऊ में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। डॉ. उत्तम पचारणे द्वारा यह आयोजन लखनऊ के अलावा देश के तमाम शहरों में भी किये जा रहें हैं। 

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उद्घाटन सत्र में आठों राज्यों के कलाकारों के साथ लखनऊ के वरिष्ठ कलाकार, कला प्रेमी मौजूद थे। कार्यक्रम संचालन यूनाइट फाउंडेशन के उपाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित ने किया। इस शिविर का समापन 25 सितंबर को शाम 4 बजे होगा। इस शिविर में निर्मित कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी ललित कला अकादेमी क्षेत्रीय केन्द्र अलीगंज की विथिका में लगाई जाएगी।
   पहले दिन ये रहे प्रतिभागी
शिविर के पहले दिन जयाश्री रोय (संयोजक), काकोली नाथ, राहुल पाॅल, हेनबा तेनसूबा, प्यूनो चोबीन, पिनाज़ कौसर, मनोज कुमार घोष, ममता सिद्धार्थ सिंगड़े, संघमित्रा दत्ता, रजवंत कौर संधू, आर. के. देवराज सिंह, मैनाज बानो, सेवाँन राय, रंजन कुमार सिंह, सुपर्णा देब, श्रद्धा तिवारी, अमितावो देब, जयवंती पाटिल, उपेन्द्रजीत राजकुमार, अंकिता, शांतिलाल कट्टे, टोनी मे दलंग स्लोंग, रंजना मिश्रा (लोक गायिका) व मैर बोरह ने प्रतिभाग किया।  

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Web Title: Art is incomplete without the fragrance of the soil- Dr. Uttam Pacharane ( Hindi News From Newstimes)


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