मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद भी नहीं हो रही भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई


LEKHRAM MAURYA 07/10/2019 16:13:57
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LUCKNOW. व्यावसायिक शिक्षा विभाग के प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज सर्वजन उत्थान समिति ने शपथ पत्र मुख्यमंत्री को भेजा।  

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सर्वजन उत्थान समिति की अध्यक्ष माधुरी वर्मा ने बताया कि राजकीय आई टी आई सहित निदेशालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत का मुख्यमंत्री को अनुस्मारक भेजा था फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सेवा योजन निदेशालय में स्थानान्तरण, पदोन्नति एवं वेतन आहरण में खेल चल रहा है।

विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की पुष्टि  के लिए उन्होंने शपथ पत्र भी प्रेषित किया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होने पर समति की ने भ्रष्टाचार रोकने तथा दोषी अफसरों एवं बाबूओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए दोबारा पत्र भी भेजा है। विभाग में तबादला नीति की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इस शिकायत में विभाग में तबादलों, 357 अनुदेशकों पदोन्नति एवं प्रोन्नत कार्यदेशकों के वेतन आहरण में अनियमिताओं का आरोप लगाया गया है।

 भेजे गए शपथ पत्र में कहा है कि विभाग में हर स्तर पर चंद अधिकारियों एवं पटल सहायकों के माध्यम से भ्रष्टाचार किया जा रहा हैै। उन्होंने आरोप लगाया है कि राजकीय आईटीआई अलीगढ़, मथुरा सहित अन्य जनपदों में तबादलों के नाम पर भ्रष्टाचार चल रहा है। अलीगढ़ से ट्रासफर कराने के लिए सतीश कुमार अनु.वेल्डर और चन्द्रकान्त पाण्डेय अनु. कलागणित से 90 हजार रूपये वसूले गए। यही नहीं पिछले दिनों ट्रासफर के लेनदेन में गडबड़ी के चलते निदेशालय के पीछे बनी कैन्टीन में पटल सहायक से मारपीट भी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि जिन पटल सहायकों के खिलाफ शिकायत की गई है उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से वे उसी पटल पर तैनात रह कर शिकायतों को दबा रहे हैं। इसके साथ ही बिना पद बिना व्यवसाय के कार्मिकों का तबादला कर दिया जा रहा है। तीन माह से ऐसे कर्मचारी द्वारा विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाने के बाद ट्रासफर निरस्तीकरण प्रस्ताव निदेशालय से शासन भेजा गया। शासन से उक्त प्रस्ताव 18 सितम्बर 19 को यथास्थिति अनुमोदित कर दिया गया लेकिन रिश्वत न पहुंचने के कारण अब तक ट्रासफर आदेश जारी नहीं किए गए।

इसी तरह धन उगाही न होने के कारण अगस्त 2018 में लगभग 357 अनुदेशकों के पदों पर पदोन्नति के बाद अब तक तैनाती नहीं दी गई। जबकि कार्यदेशकों की तैनाती को लेकर दायर याचिका में 26 सितम्बर 19 को निदेशक न्यायालय में तलब हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसा न किये जाने से प्रदेश के आठ जनपदों में बिना कार्यदेशक/ अनुदेशक के छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उनका आरोप है कि उच्च पदस्थ कर्मचारियों का वेतन अपने से कम स्केल के पदों से वेतन आहरित नहीं होना चाहिए लेकिन प्रोन्नत कार्यदेशक 4200 से 4600 ग्रेड पे का भुगतान पूरे प्रदेश में ट्रेजरी के माध्यम से प्रधानाचार्य की शह पर प्रोन्नत कार्यदेशकों का भुगतान 4200 के आधार पर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए 17 नवम्बर 2018 को लगभग एक वर्ष पूर्व लिखित शिकायत एवं शपथ पत्र भेजा लेकिन चंद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिली भगत से कार्रवाई न कर सरकार को बदनाम किया जा रहा है।

Web Title: Action is not being taken on the corrupt people even after complaining to the Chief Minister ( Hindi News From Newstimes)


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