विश्व समुदाय के उचित कदम से ही हल होगी जलवायु परिवर्तन की समस्या


DEEPAK MISHRA 08/10/2019 13:27:04
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Lucknow: जलवायु परिवर्तन (Climate change) आज भारत ही नहीं पूरे विश्‍व समुदाय (world community) के लिए समस्या बनी हुई है। अगर इसका समाधान जल्द से जल्द नहीं कर लिया गया तो आने वाले समय में यह पूरे विश्व के लिए खतरा बन जाएगा। जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण दूषित होता जा रहा है, जो पूरे  विश्व के लिए एक चिंता का विषय है। आज जलवायु परिवर्तन (Climate change) के कारण मानव की ही नहीं, बल्कि पृथ्वी पर रहने वाले सभी प्रकार के जीव-जन्तु का जीना मुश्किल हो गया है और आने वाले समय में यह समस्या एक बड़े खतरे के रूप में तब्दील हो सकती है, अगर समय रहते इस पर विश्व समुदाय (world community) के द्वारा काम नहीं किया गया।

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जलवायु परिवर्तन (Climate change) के करण बढ़ रहीं समस्याएं

जलवायु परिवर्तन (Climate change) के परिणामस्वरूप आज विस्थापन, संघर्ष, भुखमरी, प्राकृतिक सौंदर्य एवं संस्कृति का विनाश तथा राष्ट्रीय असुरक्षा की भावना को पोषण देने वाली समस्याएं बढ़ती जा रही रही हैं। ये समस्याएं देश की सीमाओं के बंधन से मुक्त हैं। अत: इन विकराल समस्याओं के समाधान के लिये राष्ट्रीय (National) एवं अन्तर्राष्ट्रीय (international) स्तर पर साझा प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि हम विरासत में अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण (environment) दे सकें।

जलवायु संकट के समाधान के लिए तुरंत कदम उठायें : यूएन 

जलवायु परिवर्तन  (Climate change) को लेकर समय-समय पर संयुक्त राष्ट्र (UN) भी विश्व समुदाय से उचित कदम उठाने मांग करता आ रहा है। अभी हाल ही में 6 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र (UN) में मानवीय मामलों के सहायक महासचिव उसुर्ला मुलर (Assistant general secretar muller) ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वे जलवायु संकट का समाधान करने के लिए फौरन उचित कदम उठाएं, जो जिबूती और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के बाकी हिस्सों को भी प्रभावित कर रहा है। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, यूएनसीएचओ ने एक बयान में कहा कि मुलर जो मानवीय मामलों के समन्वय (यूएनओसीएचए) के कार्यालय में उप-आपातकालीन राहत समन्वयक भी हैं, उन्होंने 2 से 4 अक्टूबर तक जिबूती में चले तीन-दिवसीय मिशन के समापन के समय यह आह्वान किया।

यूएनओसीएचएओ (UNOCHAO) ने मुलर के हवाले से बयान में कहा कि जलवायु परिवर्तन वास्तविक है और मैं इसे यहां देख सकता हूं। मैंने बड़े पैमाने पर सूखा देखा और मैं ऐसे समुदायों से मिला, जिन्हें साफ पानी भी बेहद मुश्किल से मिलता है। उन्होंने बताया कि यह स्थिति उनके जीवन को कैसे प्रभावित कर रही है। जिबूती का वास्तव में वैश्विक स्तर पर जलवायु की आपातकालीन स्थिति में कोई हाथ नहीं रहा है, लेकिन इसकी आबादी रोजमर्रा के जीवन में इसका परिणाम भुगत रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी विश्व समुदाय से एकजुट होने की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जलवायु परिवर्तन को लेकर संयुक्त राष्ट्र में सहित कई मंचों से मुद्दे को उठा चुके है। अभी हाल ही में पीएम मोदी ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अब बात करने का वक्त गुजर चुका है और अब दुनिया को काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में जितने प्रयास होने चाहिए उतने नहीं हो रहे हैं। पीएम मोदी इस दौरान कहा कि प्रकृति का सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हमारी परंपरा और वर्तमान नीति का हिस्सा रहा है। लालच नहीं जरूरतें पूरी करना हमारा सिद्धांत रहा है।

जलवायु परिवर्तन क्या है

जीवाश्म ईंधन के दहन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन, जंगलों के अत्यधिक कटान के कारण जलवायु परिवर्तन की गम्भीर समस्या उत्पन्न हुई है। यदि जलवायु परिवर्तन को समय रहते न रोका गया तो लाखों लोग भुखमरी, जल संकट और बाढ़ जैसी आपदाओं का शिकार होंगे। यह संकट पूरी दुनिया को प्रभावित करेगा। इसका सबसे अधिक असर गरीब देशों पर पड़ेगा।  

जलवायु परिवर्तन के कारण

जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण जगलों की कटाई, कारखानों का दूषित पानी, प्रदूषण फैलाने वाले वाहन और जहरीली गैसें हैं। मनुष्य अपने आवश्कताओं की पूर्ति के लिए पेड़-पौधों को काटता जा रहा है। लेकिन पेड़ को लगना उचित नहीं समझ रहा, जिससे जंगल खत्म होते जा रहा है। जो जलवायु परिवर्तन का एक मुख्य कारक बनता जा रहा है। हमें जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए जंगलों काे बचाना होगा।

कारखानों को सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाला माना जाता है, क्योंकि इसके आसपास रहने से सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा प्रदूषण फैलाने वालों में वाहनों को लिया जाता है। यह सभी वायु प्रदूषण फैलाने में अपना योगदान देते हैं। इसके अलावा भी कई ऐसे उदाहरण है, जो वायु प्रदूषण के कारक बनते हैं। वायु प्रदूषण से गर्मी बढ़ जाती है और गर्मी बढ़ने से जलवायु में भी परिवर्तन होने लगता है।

जलवायु परिवर्तन कई गंभीर बीमारियों को दे रही जन्म

डब्‍ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत सहित कई देशों में पिछले कुछ वर्षों से बीमारियों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके कारण विश्‍व के कई भाग में नई बीमारियों ने अपना जाल फैलाया है। भारत और पड़ोसी देशों में डेंगू, मलेरिया में काफी तेजी आई है।

जलवायु परिवर्तन के उपाय

पूरे विश्व समुदाय को एक जुट होकर जंगलों के कटान को रोकना होगा साथ ही अधिक खाली पड़े स्थानों पर आधिक से आधिक पेड़ पौधों को लगाना होगा। प्रदुषण वाले वाहनों पर रोक लगानी होगी। साथ ही कारखानों के दुषित पानी को नदी में जाने से रोकना होगा और अन्य जहरीली गैसों और प्रदूषण फैलने वाले चीजों को भी प्रतिबंधित करना होगा।  

 

Web Title: Climate change problem will be solved with proper action by the world community ( Hindi News From Newstimes)


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