ऊर्जा संरक्षण के लिए जनजागरुकता जरूरी


DEEPAK MISHRA 09/10/2019 12:48:59
27 Views

LUCKNOW. मनुष्य के जीवन में उर्जा का बड़ा ही महत्व है, लेकिन मानव उर्जा का दोहन आवश्यकता से ज्यादा कर रहा है। गांधी जी ने कहा था- 'पृथ्वी हर आदमी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन हर आदमी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं' यह कथन हमें यह बताता है कि किसी भी चीज या वस्तु का उपयोग हमें जरुरत से ज्यादा नहीं करना चाहिए। इसलिए हमें उर्जा का भी उतनी ही मात्रा में उपयोग करना चाहिए जितना आवश्यक हो, ताकि सभी तक ऊर्जा पहुंच सके। ऐसा तभी संभव होगा, जब उर्जा का संरक्षण होगा और उर्जा संऱक्षण तभी संभव है जब लोग इसे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस पर अमल करेंगे। साथ ही उर्जा संरक्षण के जनसमान्य को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।

09-10-2019125215Publicawarene1

आज कल ऊर्जा संरक्षण एक बड़ा विषय बना हुआ है कि इसका संरक्षण कैसे किया जाये, लेकिन हाल ही के कुछ वर्षों में मनुष्य के जीवन शैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव की वजह और बढ़ती हुई विकास की जरुरतों के कारण उर्जा की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लेकिन जिस हिसाब से उर्जा की मांग में वृद्धि हुई है उस अनुपात में उत्पादन में वृद्धि न होने कारण सबको एक समान उर्जा की पूर्ति नहीं जा सकती है। जिसके कारण देश के बहुत से भागों में लगातार कई घंटों बिजली की कटौती होती रही है। खासकर गर्मी के दिनों में इसकी बारंबारता काफी बढ़ जाती है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। और जगह जन अक्रोश भी देखने को मिलता है।

आज भी भारत की लगभग आधे से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है, जो बिजली से वंचित है। ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अभी तक बिजली के तार भी नहीं दौड़े है और जहां बिजली के तार है भी तो वहां के लोग बिजली कटौती से परेशान है। अगर सबको एकमात्रा में बिजली चाहिए तो उर्जा का संरक्षण करना होगा।

उर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के रुप मनाना शुरु कर दिया। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा के उपयोग का महत्व समझाना है, जिससे वे इसकी बर्बादी पर नियंत्रण कर सिर्फ अपनी जरूरत की ऊर्जा का ही उपयोग कर सकें। गौरतलब है कि इस बात को ध्यान में रखकर ही भारत सरकार के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के द्वारा साल 2001 में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम भी बनाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने भी कई बार मन की बात के साथ अपने सार्वजनिक मंचों से जनता से अपील की है वह उर्जा का उतना ही उपयोग करें जितना उन्हें जरुरत हो। उर्जा को बर्बाद न कर इसे संरक्षित करें।

कैसे होगा उर्जा संरक्षण-

उर्जा संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसका संरक्षण करने के लिए बस हमें अपने दिनचर्या थोड़ा सा बदलाव लाना होगा जैसे एयर कंडीशनिंग, रेफ्रीजरेटर, वॉशिगमशीन, पंखे का प्रयोग उतना ही करें जितना जरुरत हो। हमेशा प्लग आफ, स्विच आफ, लाइट ऑफ करके रखें जरुरत पर ही ऑन करें बल्ब की जगह एलईडी का प्रयोग करें, इसके साथ ही जनजागरुकता भी पैदा करना होगा। अगर हम ऐसा कर पाए तो होने वाली बिजली कटौती कटौती को भी टाल जा सकता हैं। साथ ही उर्जा का संरक्षण भी हो जाएगा। इसकी शुरुआत करने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में बहुत बड़ा बदलाव नहीं लाना है बल्कि अपने दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव ही काफी।

वह बदलाव हम अपने घर में जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरण के संचालन में थोड़ी सावधानी बरती जाए तो बिजली की काफी बचत हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कुशल ऊर्जा उपकरणों के मानकों को निर्धारित करने वाली एजंसियां और यहां तक कि इन उत्पादों की निर्माण करने वाली कंपनियां भी इनके खरीदते समय यूज़र मैनुअल भी देती है जो इनके उपयोग से लेकर बेहतर इस्तेमाल की जानकारियों से भरा होता है। जिसका हमे अध्यन करना चाहिए। इसके अलावा हम सोलर लाइट, सौरउर्जा, सोलर पम्प आदि का भी प्रयोग करके उर्जा संरक्षण कर सकते है।

 

Web Title: Public awareness necessary for energy conservation ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया