पाकिस्तान में आज भी मौजूद हैं ये प्राचीन मंदिर


ABHIMANYU VERMA 09/10/2019 16:02:47
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New Delhi. वर्तमान समय में भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे के सबसे बड़े विरोधी देश हों लेकिन यह बात भी सच है कि एक समय यह दोनों एक ही देश का हिस्सा थे। साल 1947 में बंटवारे में एक देश की भावनाएं और यादों समेत हर एक चीज का बंटवारा हुआ। जिसमें कुछ चीजें भारत से अलग हुए पाकिस्तान के हिस्से में चली गईं। जिनमें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे भी शामिल थे और ये चीजें आज भी पाकिस्तान में मौजूद हैं। तो हम आपको कुछ प्राचीन मंदिरों के बारे में बतायेंगे जो बंटवारे के समय पाकिस्तान के हिस्से में चले गए थे।  

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हिंगलाज माता मन्दिर

यह प्राचीन मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त के हिंगलाज में हिंगोल नदी के तट पर स्थित है। यह देवी सती के इक्यावन शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर की देवी को हिंगलाज देवी या हिंगुला देवी भी कहते हैं। इसके अलावा हिंगलाज मन्दिर को नानी मन्दिर के नामों से भी जाना जाता। पिछले तीन दशकों में इस जगह पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। यह पाकिस्तान के कई हिंदू समुदायों के बीच आस्था का केन्द्र बन गया है।

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कटास राज मंदिर का राज

पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के चकवाल जिले में स्थित प्राचीन शिव मंदिर है जिसे कटास राज मंदिर के नाम से जाना जाता है। इसका निर्माण छठी शताब्दी से नवीं शताब्दी के मध्य करवाया गया था। मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत काल (त्रेतायुग) में भी था। इस मंदिर से जुड़ी पांडवों की कई कथाएं प्रसिद्ध हैं। 

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कटास राज मंदिर का कटाक्ष कुंड काफी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि कटासराज मंदिर का कटाक्ष कुंड भगवान शिव के आंसुओं से बना है। जब देवी सती की मृत्यु हो गई, तब भगवान शिव उन के दुःख में इतना रोए कि उनके आंसुओं से दो कुंड बन गए। जिसमें से एक कुंड राजस्थान के पुष्कर नामक तीर्थ पर भी है। 

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श्री वरुण देव मंदिर

पाकिस्तान के कराची का प्राचीन श्री वरुण देव मंदिर यहां के हिंदुओं के लिए ख़ास धार्मिक महत्त्व रखता है। मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा करने के बाद वरुण देव अपने भक्त की सदैव रक्षा करते हैं। देखरेख के अभाव में यह मंदिर जगह-जगह से टूटने लगा है। हालांकि यहाँ पर भक्तों के आने का सिलसिला नहीं रुका है। 

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1990 के दशक में भारत के अयोध्या में हुई बाबरी मस्जिद की घटना के बाद से इस मंदिर को भी बंद कर दिया गया था। उस समय इस मंदिर को काफी नुकसान पहुंचाया गया था।

Web Title: Famous Hindu temples of Pakistan ( Hindi News From Newstimes)


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