राज्पपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में हुआ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि का 17वां दीक्षांत समारोह


NP863 17/10/2019 11:13:20
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Lucknow. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि का 17 वें दीक्षांत समरोह बुधवार को विवि परिसर स्थित अटल विहारी वाजपेई बहुउद्देशीय सभागार में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जल पुरुष राजेंद्र सिंह बतौर मुख्य अतिथि मंचासीन रहे। जल पुरुष राजेंद्र सिंह को डीलिट् की मानद उपाधि प्रदान की गयी। इसके साथ ही प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रही। 

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दीक्षांत समरोह में 62 पीएचडी छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गयी। साथ ही कुल 66 मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किये गये। जबकि बीटेक कंप्यूटर साइंस की दीक्षा सिंह,  जिन्होंने सबसे अधिक अंक प्राप्त किये हैं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस दौरान प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 58699 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में उपाधि प्रदान की। साथ ही साथ प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय एवं परमार्थ के 30 बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया गया। लगभग 1184 छात्र-छात्राएं दीक्षांत समारोह में शामिल हुए, जिन्हें सभागार में एक साथ उपाधि प्रदान की गयी। 

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इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए विश्वविद्यालय द्वारा गाँव गोद लेने की योजना एक सराहनीय कदम है। परमार्थ के माध्यम से समाज के पिछड़े जनों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास अनूठा है। विश्वविद्यालय के घटक संस्थान आईईटी, लखनऊ के छात्र-छात्राओं द्वारा ऐसे वंचितों के लिए परमार्थ नाम से सायंकालीन कक्षाएँ संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टीचिंग-लर्निंग में बड़ा पैराडाइम शिफ्ट हुआ है। स्किल ओरिएंटेड और प्रोडक्ट बेस्ड लर्निंग की अवधारणा मूर्तरूप ले रही है। इनोवेशन और इन्क्युबेशन इंटरप्रन्योरशिप (स्वरोजगार) का मुख्य उपकरण बन गये हैं। मुझे प्रसन्नता हुई कि विश्वविद्यालय के द्वारा प्रोडक्ट बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए डॉ कलाम सेंटर ऑफ़ इनोवेशन, इनक्युबेशन ऑफ़ स्टार्टअप के माध्यम से बेहतर आईडिया को प्रोटोटाइप में तब्दील करने के लिए प्रत्येक आइडिया को 12 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। 

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साथ ही डॉ कलाम स्टार्टअप परिक्रमा परियोजना के अंतर्गत विभिन्न सम्बद्ध संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित कर आईडिया को बिजनेस प्लान में तब्दील करने का कार्य किया जा रहा है। अब तक दो हजार से ज्यादा इनोवेटिव आईडिया को बिजनेस प्लान के लिए तैयार किया जा चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म कार्य में तेजी लाने के साथ ही पारदर्शिता को भी प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि यह एक हर्ष का विषय है कि  विश्वविद्यालय स्वयं को डिजिटल करने की प्रतिबद्धता पर खरा उतरा है। विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा फार्म, पेपर डिलिवरी, मूल्यांकन, परिणाम, टेंडर, सम्बद्धता, से लेकर बिल पेमेंट तक सभी कार्य डिजिटल और ऑनलाइन कर दिए गये हैं। साथ ही 01 नवम्बर से विश्वविद्यालय ई-ऑफिस के माध्यम से पूर्ण कार्यप्रणाली संचालित करने जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को सुनिश्चित करवाने हेतु नेशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रीडिटेशन (NBA) से विश्वविद्यालय के सम्बद्ध संस्थानों के पाठ्यक्रमों के  एक्रीडिटेशन करवाने के लिए प्रयत्न किये जा रहे हैं। 2022 तक समस्त राजकीय एवं अनुदानित संस्थानों के अधिकतर पाठ्यक्रमों को एन.बी.ए. एक्रीडिटेशन करवाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के बच्चो को दीक्षांत में बुलाने का एक मात्र उद्देश्य उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही उन्होंने जल संचयन के लिए सभी से आवाहन किया।

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इस दौरान प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने कहा कि विवि परिसर में वन टाइम यूजेबल प्लास्टिक के प्रयोग को निषेध किया गया है। उन्होंने कहा कि विवि की समस्त प्रयोगशालों का आधुनिकरण कर सराहनीय कार्य किया गया है। साथ ही उन्होंने विवि के कुलपति प्रो पाठक द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने उपाधि प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं से आवाहन किया कि गरीब और असहाय बालक-बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए अपने स्तर से प्रयास करें। 

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विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने विवि की प्रगति आख्या प्रस्तुत की उन्होंने कहा कि विवि ने मूक्स बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए  दो ऑडियो - विजुअल स्टूडियो की स्थापना  गयी है। उन्होंने कहा कि वैल्यू एजुकेशन को क्रेडिट कोर्स के रूप में लागू करने वाला देश का पहला प्राविधिक विवि बना है। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी की 150 वीं जयंती पर गाँव गोद लेकर ग्रामीण अंचलों में कार्य करने वाले 20 सम्बद्ध संस्थानों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा विवि प्रदेश का पहला विवि है जो पूरी तरह से डिजिटल है। उन्होंने उपाधि प्राप्त कर रहे छात्रों को शपथ भी दिलाई कि वे दहेज़ का बहिस्कार कर समाज में कुरीतियों के अंत के लिए प्रयत्न करेंगे। 

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 समारोह के मुख्य अतिथि जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा जल ही जीवन है और हमें जल संचयन के लिए युद्ध स्तर पर पहल करनी होगी।  उन्होंने कहा कि विवि द्वारा गाँव गोद लेकर जल संचयन के लिए प्रोजेट्स शुरू किये जाने की पहल करना सराहनीय कदम है।  उन्होंने कहा कि  विवि परिसर में वर्ष के जल के संचयन के लिए उकृष्ट कार्य किया गया है। इसी तरह विवि के 756 संस्थानों को वर्षा जल संचयन के लिए अपने संस्थान परिसर में व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर कुलसचिव नन्द लाल सिंह प्रतिकुलपति प्रो विनीत कंसल, विद्या परिषद् एवं कार्य परिषद् के सदस्य तथा डीन उपस्थित रहे कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हो गया।

Web Title: AKTU KA 17 va DIKSHANT SAMAROH ( Hindi News From Newstimes)


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