यूपी विधानसभा उपचुनाव: इन सीटों पर सपा-बसपा ने लगाया जोर, चौंकाने वाले होंगे परिणाम


NAZO ALI SHEIKH 19/10/2019 14:45:25
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Lucknow. उत्तर प्रदेश में यूपी विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) का बिगुल बजते ही सभी राजनीतिक दल अपने-अपने महारथियों के साथ मैदान में ताल ठोकने को तैयार हैं। वहीं बसपा को इस बार परिणाम अच्छे आने की उम्मीद है।

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दरअसल, यूपी में 11 सीटों पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव में कुछ सीटों के परिणाम (results) में उलटफेर होने की संभावना जताई जा रही है। 11 सीटों में से 9 सीटें तो पहले से ही बीजेपी के पास थीं, वहीं, रामपुर और जलालपुर की सीटों पर सपा-बसपा (SP-BSP) का कब्जा रहा है। रामपुर (rampur) सपा का गढ़ रहा है जिसके लिए अखिलेश यादव पूरा जोर लगा रहे हैं। इसके अलावा इगलाश, घोसी और गंगोह पर विपक्षी दल अपना दावा कर रहे हैं। 

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   आजम का गढ़ रामपुर सीट

इन दिनों मुकदमों में फंसे आजम खान के गढ़ रामपुर की सीट पर हमेशा उनका कब्जा रहा है। इस सीट पर मोदी लहर के बावजूद 2017 के चुनाव में आजम को 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीत मिली थी। जो बीजेपी और बसपा से बहुत ज्यादा थे।

इस बार यहां से सपा ने उनकी पत्नी तंजीन फातमा को चुनाव में उतारा है। बसपा ने मुस्लिम दलितों पर भरोसा जताते हुए मसूद खान को अपना प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने भी मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर अपने वोट बैंक को संभालने का प्रयास किया है। वहीं बीजेपी ने भी भारत भूषण गुप्ता के लिए पूरी ताकत लगा दी है। 

  बसपा के चौंकाने वाले हो सकते हैं परिणाम

बसपा का गढ़ माने जाने वाली सीट जलालपुर पर इस बार विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा की पुत्री छाया वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा गया है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने कहा,  इस बार उपचुनाव के परिणाम निश्चित तौर पर चौंकाने वाले  होंगे।

हमें उम्मीद है कि इस बार हम पूरी सीटों पर जीतकर इतिहास कायम करेंगे। बसपा ही लोगों की पहली पसंद बनेगी। इगलाश सीट पर आरएलटी और सपा का कोई प्रत्याशी न होने का फायदा हमें मिल रहा है। उनके समाज के लोग भी हमारे साथ ही है। 

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रतनमणि लाल का कहना है कि इस बार ऐसा विपक्षी दलों ने अपने चुनाव प्रचार को उतनी गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया है। इस कारण इनका प्रचार उतना जोर नहीं पकड़ पाया है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पार्टी और प्रचार कमजोर होने के बावजूद प्रत्याशी मजबूत होने पर कम अंतर से भी चुनाव जीत सकता है।

इगलाश, जलालपुर, रामपुर, घोसी और गंगोह में ऐसी संभावना बन सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा भी हो सकता है कि जिन्हें बीजेपी मजबूत सीट समझ रही हो, वहां पर उन्हें मुश्किल हो सकती है, क्योंकि कई जगह पार्टी के प्रत्याशी कमजोर दिख रहे हैं।

  स्थानीय मुद्दे होंगे हावी

लाल ने कहा, ‘उपचुनाव में स्थानीय मुद्दे बहुत हावी होते हैं। उपचुनाव में कोई एक तरह की हवा नहीं चलती है। आमचुनाव के मुद्दे राष्ट्रीय होते हैं। इसमें प्रचार और प्रत्याशी का अपना व्यक्ति चुनाव को एक शेप देता है। लेकिन उपचुनाव में ऐसा नहीं होता है।

भाजपा लोकल मुद्दे के बजाय राष्ट्रवाद और पकिस्तान पर जोर दे रही है। विपक्ष को उन सीटों पर उम्मीद होनी चाहिए। जहां उनका प्रत्याशी मजबूती हो और उनके प्रचार में लोकल मुद्दे को प्रमुखता दी गई हो, क्योंकि उपचुनाव में कोई सरकार बनाने के लिए वोट नहीं करता है।’

Web Title: UP assembly by-election: SP-BSP put emphasis on these seats, results will be startling ( Hindi News From Newstimes)


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