#HappyDiwali: 37 साल बाद बन रहे महासंयोग में ऐसे पूजा करने से मिलेगी महालक्ष्मीजी की कृपा


NP1550 26/10/2019 13:03:37
44 Views

Lucknow. इस बार दिवाली (diwali)  का दिन चित्रा नक्षत्र, सूर्यदेव का दिन और अमावस्या का लगभग 37 साल बाद बनने वाला महासंयोग लेकर आ रहा है। इस महासंयोग पर पूजन करने से महालक्ष्मीजी (goddess laxmi) की विशेष कृपा बरसेगी। साथ ही मां काली (maa kali) की आराधना भी बहुत लाभकारी होगी। कार्तिक मास की चतुर्दशी 27 नवंबर को दिवाली धूमधाम से मनाई जाएगी। हर तरफ दीपोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ज्योतिषाचार्य आचार्य पंडित ब्रह्मदत्त शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्तिक माह में वर्ष की सबसे अंधेरी रात को दिवाली का मुख्य त्योहार मनाया जाता है। वहीं, पंडित पवन तिवारी का कहना है कि हिंदू शास्त्रों के मुताबिक, कोई भी पूजा बिना दीपक जलाए पूरी नहीं मानी जाती है। 

26-10-2019131542HappyDiwaliHo1

►ऐसे मां होंगी प्रसन्न

ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रीति अग्निहोत्री ने बताया कि दिवाली के दिन घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें। विशेषकर मुख्य द्वार को बहुत अच्छी तरह से साफ करें। इसके बाद मुख्य द्वार पर हल्दी का जल छिड़कें। भगवान गणेश को दूब-घास और मां लक्ष्मी को कमल का पुष्प चढ़ाना चाहिए। ये वस्तुएं दोनों देवी-देवता को सर्वाधिक प्रिय हैं।

इसके अलावा घर के बाहर रंगोली अवश्य बनाएं। रंगोली शुभता का प्रतीक है। मुख्य द्वार पर जूते और चप्पल बिल्कुल न रखें और रसोई में झूठे बर्तन बिल्कुल न छोड़ें। दिवाली के दिन घर की रसोई में भी दीपक जलाया जाता है। इस दिन मां अन्नपूर्णा की पूजा का भी विधान है।

26-10-2019131825HappyDiwaliHo4

►लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ समय

आज शनिवार को नरक चतुर्दशी के साथ ही छोटी दिवाली भी है। शाम को दीपक जलाया जाएगा। मान्यता के अनुसार नरकासुर ज्योतिषपुर नगर (जो इस समय नेपाल में है) का राजा था। नरकासुर की शक्ति से इंद्र, वरुण, अग्नि, वायु आदि सभी देवता परेशान थे।

इस राक्षस ने संतों के परिवारों की 16 हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था। नरकासुर का अत्याचार बढ़ने पर देवता औराषि मुनि श्रीकृष्ण की शरण में आए। भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष को नरकासुर का वध किया, जिसके बाद देवताओं ने दिवाली मनाई।

26-10-2019131733HappyDiwaliHo3

►दिवाली पूजन समय

प्रदोष काल:

शाम 5:28 बजे से 8:10 बजे तक
पूजा के लिए उत्तम समय (वृश्चिक लग्न): 7:30 बजे से 7:35 बजे
उत्तम में लाभ का चौघड़िया पूजा समय: 8:36 बजे से 

निशीथ काल: 

जो समय ऊपर है,  इस समय में कर सकते हैं - 8:10 बजे 
से 10:52 बजे तक
सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक लाभ अमृत का मुहूर्त 

Web Title: HappyDiwali How to perform Diwali puja to please Goddess Laxmi ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया