दिवाली पर वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मिलावटी पदार्थों से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान 


NP863 26/10/2019 17:27:13
52 Views

Lucknow. दिवाली के अवसर पर वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मिलावटी खा़द्य पदार्थ के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभाव एवं उनसे बचाव के बारे में डिपार्टमेंट ऑफ पल्मोनरी एण्ड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग बताया गया। विभागाध्यक्ष डॉ वेद ने बताया कि श्वांस रोगियो, वरिष्ठ नागरिको, बच्चों एंव गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष जागरुक करने की आवश्यकता है। वायु प्रदूषण पूरे विश्व की समस्या बन गयी है। हर 10 में से 9 लोग प्रदूषित वायु में रह रहे हैं। हर साल लगभग 70 लाख लोगों की मृत्यु वायुप्रदूषण की वजह से होती है।

dr. ved prakash pulmonary and critical care
उन्होंने कहा कि दिवाली मिठाईयों, प्रकाश एवं पटाखों का त्योहार है। दिवाली का पर्व खुशियां लेकर आता है वहीं पर यह पर्व श्वांस रोगियों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। बदलते हुए मौसम, वायु प्रदूषण, मिलावटी खानें एवं बढ़े हुए पराग कणों के कारण दिवाली के समय अस्पतालों में रोगियों की संख्या बढ जाती है। प्रायः यह देखा गया है कि पटाखों से उठनें वाले धुएं से अस्थमा, एलर्जी एवं सी0ओ0पी0डी0 के मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। दमा और सी0ओ0पी0डी0 बिमारियों से पीडित मरीजों में सांस फूलना, छाती में जकड़न, खांसी एवं सींटी बजना जैसे लक्षण बढ़ जाते हैं।
अस्थमा एक्शन प्लान 
डॉ वेद प्रकाश ने बताया कि विभाग की ओ0पी0डी0 में हाल ही में इस प्रकार की मरीजों की संख्या में लगभग दो गुनें तक का इजाफा हुआ है। यह एक लिखित प्रबंधक योजना है जिससे आप अपने अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद के लिए अपने डा0 की सहायता से बनवाते हैं। 
इस प्लान के अनुसार 
1. अनुशंसित खुराक और दैनिक दवा की आवृत्तियों।
2. विशेष रुप से बडे हुए लक्षणों के जबाव के लिए घर पर दवाओं को समायोजित करने के लिए।
3. पीईएफ की लिस्टिंग।
4. तीव्र देखभाल की आवश्यकता का संकेत देने वाले लक्षण।
5. आपातकालीन टेलीफोन नं। 
6. ट्रिगर की एक सूची जिससे अस्थमा दौरा पड़ सकता है।

सीओपीडी एक्शन प्लान 
सीओपीडी एक्शन प्लान एक गाइड है। जिसका पालन आपके लक्षण बदतर हो जाने पर किया जाता हैं।
1. सामान्य अवधि के दौरान, जब कोई लक्षण बढ जाते है तब भी अपनी चिकित्सा द्वारा सलाह के अनुसार, दवा का उपयोग करना जारी रखें। 
2. यदि आपके लक्षण दिन-प्रतिदिन के सामान्य से बदतर हो जाते हैं अपने डॉक्टर से संपर्क करें या अपने नजदीकी आपातकालीन चिकित्सा केंद्र पर जाएं। 
3. यदि लक्षण अचानक बहुत खराब हो जाते है और आपको सांस की तकलीफ हो जाती है, तो 108 पर कॉल करें या तुरन्त आपातकालीन सहायता प्राप्त करें।   

क्या सावधानियाँ बरतें -
* श्वास के मरीजों को पटाखों एवं धुए से दूर रहना चाहिए।
* घर के बाहर व्यायाम करने कि बजाए घर के अन्दर करें।              
* गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को घर के अन्दर रखें। 
* खिड़की दरवाजेे बन्द रखें।
* घर के बाहर जाना जरूरी हो तो मुंह पे मास्क या रूमाल बाधें, आंखों पर चश्मा लगायें और खुलें में ज्यादा देर तक काम करने से बचे। 
* दवाइयां और इनेहलर समय से इस्तेमाल करें।
* डॉक्टर द्वारा अस्थमा एक्शन प्लान के बारे में जाने ।
* ताजे फल सब्जियां और घर में बनी मिठाइयों का इस्तेमाल करें।
* स्वास्थ्य बिगडनें पर अपने चिकित्सक से मदद लें।

docter ved prakash

फूड एडल्ट्रेशन
खाद्य पदार्थ में बिना पोषण के तत्वों को मिलाना एवं पोषण के तत्वों को हटाने को फूड एडल्ट्रेशन कहते हैं। हमारे देश में मिठाइयां घर में बनती थी जिसमें पडने वाले सामग्री के बारे में पूरी तरह से जानकारी होती थी। बढती हुई आय के साथ लोगों में बाहर के खाने एवं मिठाइयों का प्रचलन बढा है। बाहर के ठेलों मिठाई की दुकानों पर घटिया क्वालिटी के सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य प्लेटों को भरना होता है नाकि पोषण प्रदान करना। मिलावटी खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। खानें में मिलावट जानकर या अनजाने में हो सकती है। दिवाली के अवसर पर मुख्यतः दूध में पानी ,एवं खानें वाले रंग एवं मसालों में मिलावट की जाती है। 
* खानें के तेल में मिलावट से कैंसर।
* हल्दी में लेड क्रोमेट से खून की कमी पक्षाघात और महिलाओं मे गर्भ में पल रहे बच्चों को क्षति।
* पानी में लेड के मिलने से फूड मिलने से नींद न आना खून की कमी कब्ज एवं दिमाग पर दुष्प्रभाव।
* पानी एवं पेय पदार्थों में कोबाल्ट के मिलावट से दिल की बिमारियाँ।
* कॉपर,टिन एवं जिंक के मिलावट से उल्टी एवं दस्त।
* मछलियों में मर्करी की वजह से दिमाग को क्षति एवं मृत्यु तक हो सकती है।
* खाद्य पदार्थों में रंगों की मिलावट से एलर्जी लीवर का नुकसान बाँझपन, कैंसर एवं गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों पर दुष्प्रभाव होता है। 

फूड एडल्ट्रेशन से बचने के लिए क्या करें
* भरोसे मंद दुकानों से ही खाद्य सामग्री का क्रय करें। 
* घर में बनी हुई मिठाइयों एवं भोजन का सेवन करें।
* समान खरीदतें समय पैकिंग को एवं एक्पायरी डेट की जांच करें।
* अपने आस-पास बिमार पडने वाले रोगियों की जानकारी रखें। 
* निम्न गुणवत्ता वाले दुकानों एवं प्रतिस्ठानों की जानकारी रखें। 
* अपने आस-पास लोगों को मिलावट के बारे में जागरूक करें।

Web Title: diwali par jarur rakhe in bato ka dhyan ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया