छठ महापर्व : नहायखाय से शुरू होगा 36 घंटे का का निर्जला व्रत, जानिए पूजन की विधि


NP1509 30/10/2019 16:25:16
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New Delhi. संतान सुख और सुहाग की कामना का महाव्रत छठ का पर्व इस वर्ष 2 नवंबर को मनाया जाएगा, जब लोग घाटों और नदियों के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। भले ही यह पर्व 2 नवंबर यानि शनिवार को मनाया जाएगा, लेकिन इसकी शुरुआत 31 अक्टूबर से होगी। सूर्य देव के पूजन के इस पर्व पर सुहागिन 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। दो नवंबर की शाम को अस्ताचलगामी और तीन नवंबर को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा। तब जाके यह व्रत संपन्न माना जाता है।

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नहाय खाय से उदयीमान सूर्य को अर्घ्य तक छठ का व्रत

आस्था का प्रतीक महाव्रत छठ की शुरुआत नहाय खाय से होती है। इस बार नहाय खाय की विधि 31 अक्टूबर को की जाएगी, जब इस दिन जो भी छठ करने वाले व्यक्ति हैं वह स्नान करने के बाद नए कपड़े पहनते हैं और उसके बाद भी खाना खाते है। इसके बाद अगला दिन खरना का होता है। कार्तिक मास की पंचमी को दूसरे दिन व्रती महिलाएं व्रत की सामग्री की साफ सफाई के साथ ही दिनभर व्रत रखती हैं। शाम को देशी घी रसियाव (गुड़-अरवा चावल की बनी खीर) का केले के पत्ते पर सेवन करके व्रत की शुरुआत करती हैं।

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खरना के बाद तीसरे दिन कार्तिक मास की छठी मुख्य पर्व होता है। शाम को पुरुष सदस्य सिर पर टोकरी में पूजन सामग्री रखकर घाट तक जाते हैं और व्रती महिलाओं छठी मइया के गीत रास्तेभर गाती हैं। सूर्य अस्त होने से पहले सुसुबिता की पूजा करने के साथ ही महिलाएं पानी में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं। बिना चप्पल के नंगे पैर घाट तक जाने की परंपरा भी है।

इसके बाद व्रत के आखिरी दिन सुबह को पुरुष फिर से सिर पर टोकरी में पूजन सामग्री के साथ ही घाट तक जाएंगे। महिलाएं पूरब दिशा की तरफ मुंह करके उगते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। गन्ने के संग सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाएं सभी को प्रसाद देती हैं। प्रसाद वितरण के साथ ही 36 घंटे के व्रत का पारण होता है। 

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छठ पूजा का कैलेंडर

  • छठ पूजा नहाय-खाए (31 अक्टूबर)
  • खरना का दिन (1 नवम्बर)
  • छठ पूजा संध्या अर्घ्य का दिन (2 नवम्बर)
  • उषा अर्घ्य का दिन (3 नवम्बर)

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

  • पूजा का दिन- 2 नवंबर, शनिवार
  • पूजा के दिन सूर्योदय का शुभ मुहूर्त- 06:33
  • छठ पूजा के दिन सूर्यास्त का शुभ मुहूर्त- 17:35
  • षष्ठी तिथि आरंभ- 00:51 (2 नवंबर 2019)
  • षष्ठी तिथि समाप्त- 01:31 (3 नवंबर 2019)
Web Title: Method of worshiping Chhath Mahaparva ( Hindi News From Newstimes)


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