बेहतर जीवन स्तर के लिए विज्ञान ने समाज को नई दिशाएँ दी हैं: डॉ वीपी कंबोज


NP863 31/10/2019 17:59:09
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Lucknow. इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) -2019 के तहत, 31 अक्टूबर 2019 को सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ में एक आउटरीच (संपर्क) कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 500 से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में अपने उद्घाटन भाषण में मुख्य अतिथि डॉ वीपी कंबोज, पूर्व निदेशक, सीडीआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ ने कहा, विज्ञान ने बेहतर जीवन स्तर के लिए समाज को नई दिशाएँ दी हैं और वैज्ञानिक हस्तक्षेपों (मध्यस्तता) के कारण ही आज हमारा जीवन इतना आसान हो चुका है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सोमदेव भारद्वाज ने कहा कि, विज्ञान को समाज से जोड़ने की नितांत आवश्यकता है और इस तरह के आयोजनों से शोधकर्ताओं, नवोन्मेषकों और आम आदमी को एक साथ आने का एक अनूठा मंच मिल रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सफल जीवन की तुलना में सार्थक जीवन अधिक महत्वपूर्ण है, इसलिए आने वाली पीढ़ी को अपने करियर की योजना इस तरह से बनानी चाहिए ताकि वे समाज के लिए अधिक प्रासंगिक हो सकें।

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सीएसआईआर-सीडीआरआई वैज्ञानिकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर लोकप्रिय व्याख्यान

आउटरीच कार्यक्रम के छात्रों और प्रतिभागियों को स्वस्थ के प्रत जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के लिए तीन लोकप्रिय व्याख्यान दिए गए। डॉ अनिल गायकवाड़ ने "स्वस्थ जीवन शैली और चयापचय संबंधी विकारों" के बारे में बात की, डॉ पीएन यादव ने युवा आबादी में मनोदशा संबंधी विकारों पर चर्चा की और डॉ दिब्येंदु बनर्जी ने "जीन और कैंसर" के बारे में जानकारी दी और कैंसर के कारणों और परिणामों पर चर्चा की और साथ ही बताया कि खुद को कैसे इस जानलेवा बीमारी से बचाएं।

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समाज में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए सम्मान

इस अवसर पर स्थानीय जमीनी स्तर के नवप्रवर्तनशील शोधकर्ताओं, जिन्होंने इसके लिए राज्य और राष्ट्र स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और अभिनव विज्ञान शिक्षक, विज्ञान पत्रकार, गैर सरकारी संगठन / व्यक्तिगत रूप से जिन्होंने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने में योगदान दिया है, उनको सम्मानित किया गया।  

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कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। प्रतिभागियों ने "आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसलों पर खाद्य संकट को हल करने के लिए आवश्यक हैं" और "बायोमेडिकल रिसर्च पशु परीक्षण के बिना प्रगति नहीं कर सकते हैं।" वाद-विवाद, चित्रकला और विज्ञान मॉडल प्रतियोगिताओं में भाग लिया और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने के लिए प्रयोगशालाओं का दौरा किया। कार्यक्रमों के विजेताओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

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Web Title: jeevan ko behtar banane me vigyan ne samaj ko nai disha di ( Hindi News From Newstimes)


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