सरकार के संरक्षण के बिना नहीं हो सकता इतना बड़ा घोटाला : कांग्रेस


NP863 04/11/2019 11:09:39
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लखनऊ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के 45 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के जीवन भर की कमाई मौजूदा योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार के कारण डूब गयी है। इस मामले में सरकार ने प्रियंका गांधी के ट्वीट के बाद ही कुछ नीचे के अधिकारियों पर नाम मात्र की कार्यवाही की गयी जबकि 10 जुलाई को गुमनाम शिकायत के बाद 28 अगस्त 2019 को ही घोटाले की पुष्टि हो गयी थी फिर भी सरकार ने इस पर कोई कार्यवाही समय से जानबूझकर नहीं की। बिना सरकार के संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता। चूंकि भाजपा सरकार की डीएचएफएल कंपनी से मिलीभगत रही इसलिए कंपनी पर कार्यवाही करने के बजाय खुद को बचाने में लगी रही।

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लल्लू ने पार्टी मुख्यायल पर आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि डीएचएफएल कम्पनी में पावर कार्पोरेशन के कर्मचारियों के 99 प्रतिशत फण्ड को निर्धारित नियमों के विरूद्ध जाकर तीन प्राइवेट कम्पनियों में निवेशित किया गया जिसमें से अकेले 65 प्रतिशत डीएचएफएल को दिया गया। इसमें से 1854 करोड़ रूपये एक एफ.डी. के माध्यम से एक साल के लिए और 2268 करोड़ की दूसरी एफ.डी. तीन साल के लिए दी गयी। पहली एफ.डी. दिसम्बर 2018 को मेच्योर होने के बाद वापस आ गयी किन्तु दूसरी एफ.डी. जो कि 2268 करेड़ रूपये की थी, डूब गयी है। जिसके लिए ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा को खुद की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
लल्लू ने कहा कि डीएचएफएल एक डिफाल्टर कम्पनी है। यह कम्पनी न तो सेबी में रजिस्टर्ड है न सुरक्षित (अन सेक्योर्ड) है और तमाम निवेशकों ने पहले से इस पर एफआईआर दर्ज कराये थे। इसके बावजूद भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस कम्पनी में कर्मचारियों के भविष्य निधि का निवेश जारी रखा। आश्चर्यजनक रूप से कर्मचारियों का पैसा तब तक इस कम्पनी में निवेश किया जाता रहा जब तक इस कम्पनी ने स्वयं पैसा लेना बन्द नहीं किया। पूर्व में भी हजारों करोड़ के घोटाले के आरोप संदिग्ध शेल कम्पनियों में भारत से बाहर पैसे को रूटिंग कर भारत से बाहर भेजने के आरोप लगते रहे हैं और एक रिपोर्ट के अनुसार जनता की गाढ़ी कमाई का 31 हजार करोड़ रूपये गलत तरीके से हड़प लिया गया। आखिर पावर कार्पोरेशन के कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई पर डाका क्यों?
डीएचएफएल के मालिक वाधवान ने व्यक्तिगत तौर पर भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा चंदा लगभग बीस करोड़ रूपये दिये। आखिर वाधवान एवं भाजपा के बीच क्या सम्बन्ध है, भाजपा इसका खुलासा करे? इसके अलावा शक्ति भवन में 15वीं मंजिल पर ऊर्जा मंत्री का कार्यालय व मंत्री आवास सहित उनके मथुरा के आवास राधा वैली के विजिटर बुक को जनता के सामने लाया जाए, ताकि पता चले कि कौन-कौन से लोग इस भ्रष्टाचार में जुड़े हैं। कहा कि सिर्फ पूर्ववर्ती सरकार पर जिम्मेदारी डालने से काम नहीं चलेगा, जब 21 महीने में हर काम की जांच हुई तो आखिर इसे क्यों छोड़ा गया?

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उ.प्र. कांग्रेस कमेटी तमाम कर्मचारी संगठनों की मांगों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है जिसमें सरकार द्वारा कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई के निवेश की जानकारी के बारे में श्वेत पत्र जारी करे और कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा के विजिटर बुक की जांच कर उनसे मुलाकात करने वाले उच्च स्तर पर घोटाले से जुड़े हुए लोगों का श्रीकान्त शर्मा के साथ सम्बन्ध का पर्दाफाश किया जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार पर सदन से लेकर हर जगह जीरो टॉलरेन्स की बात करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्या ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, तत्कालीन चेयरमैन तथा एमडी को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी आपराधिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करेंगे। कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई को दोषी व्यक्तियों से वापस कराने की जिम्मेदारी सरकार को सुनिश्चित करनी होगी। ऐसा न होने पर कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक कर्मचारियों की लड़ाई लड़ेगी।

Web Title: BJP PAR HAMLAVAR HUI CONGRESS ( Hindi News From Newstimes)


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