दीवाली में 2.48 लाख किलो सामग्री नष्ट व जब्त की गयी -डा0 अनिता भटनागर जैन


NP1181 05/11/2019 12:08:55
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LUCKNOW. दीपावली में जनता को दूध से बनी मिठाइयां एवं अन्य उत्पाद शुद्ध एवं गुणवत्तापरक मिले इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विद्याग ने प्रदेश के सभी जनपदों में 10 दिन लगातार छापेमारी का अभियान चलाया था। इस अभियान के अन्तर्गत पूरे प्रदेश में 6430 निरीक्षण,2553 छापे,3008 नमूने संग्रहीत किये गये। यह अभियान 17 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक चलाया गया।

2.48 lakh kg of material was destroyed and saved in Diwali -Da Anita Bhatnagar Jain

इस दौरान जब्त व नष्ट की गयी सामग्री की मात्रा 2.48 लाख किलो है। और उसका अनुमानित मूल्य 3 करोड़ 29 लाख रुपये है। जब्त किए गए सामान में अधिकांशत: खाद्य तेल व मिठाइयां थीं। यह जानकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव डा0 अनीता जैन भटनागर ने दी। उन्होने बताया कि इस अभियान में सात श्रेणी- 1.खोया, 2. दूध एवं दुग्ध पदार्थ से निर्मित मिठाईयाँ एवं सोनपापड़ी, 3. खाद्य तेल, 4. वनस्पति एवं घी, 5. रंगीन चीनी के खिलौने, 6. नमकीन, 7. अन्य के खाद्य पदार्थों में जनपदवार दैनिक समीक्षा शासन स्तर पर की गयी। डा0 भटनागर ने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थो के एकत्रित किये गये नमूने प्रत्येक दिन विशेष वाहक के माध्यम से गोपनीय रूप से आवंटित प्रयोगशालाओं को प्रेषित किये गये। लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी व आगरा,  सहित समस्त प्रयोगशालाओं की दैनिक विश्लेषण की समीक्षा भी शासन स्तर पर की जाती है। अब तक विश्लेषित सैम्पल के आधार पर 7.5 असुरक्षित, 40.5 अधोमानक, 17 मिसब्राण्डेड व 35 मानक के अनुसार पाये गये हैं।

विश्लेषित खाद्य पदार्थो में सर्वाधिक मानकानुसार तेल 49.5, दूध 48.7 तथा मिठाईयाँ 41 पाये गये हैं। विभिन्न खाद्य पदार्थो में मिसब्राडिंग में बैच नम्बर का न होना, पैकेजिंग तिथि का न होना, निर्माता का पूरा पता न होना और किस अवधि तक खाद्य पदार्थ का उपयोग किया जा सकता है यह इंगित न होना आदि कारण रहे जोकि सर्वाधिक 77.8 विश्लेषित नमकीन के नमूनों में रहे जबकि दुग्ध व दुग्ध पदार्थ में मिसब्राडिंग नहीं थी। 

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अपर मुख्य सचिव, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि विश्लेषित खाद्य पदार्थो में असुरक्षित का कारण दुग्ध पदार्थो में दूध फैट के अलावा अन्य स्रोत का फैट होना या डिटरजेन्ट होना, मिठाइयों में दुग्ध स्रोत के अलावा अन्य फैट होना व अनुमन्य रंग न  होना।

 

नमकीन में मुख्यतः अन्य रंग का न होना या अत्यधिक रंग का उपयोग होना। तेल, वनस्पति, घी आदि में सिन्थेटिक रंग होना अथवा अनुमन्य रंग का न होना मुख्य कारण थे। जो भी विश्लेषित खाद्य पदार्थ मानकानुसार नहीं पाये गये उनमें सभी सम्बन्धित के विरूद्व खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर कार्यवाही की जायेगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लगातार जनमानस को खाद्य पदार्थों के सम्बन्ध में जागरूक करने हेतु अभियान चलाये जा रहे हैं। 

Web Title: 2.48 lakh kg of material was destroyed and saved in Diwali -Da Anita Bhatnagar Jain ( Hindi News From Newstimes)


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