किरण बेदी ने तीस हजारी मामले में किया दिल्ली पुलिस का सपोर्ट, बतायी यह बात...


NP1550 06/11/2019 14:37:35
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New Delhi. पुलिस और वकीलों के बीच तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसक झड़प का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली पुलिस में बतौर सीनियर ऑफिसर तैनात रहीं किरण बेदी पुलिस के समर्थन में उतर आई हैं। किरण बेदी ने नसीहत देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को दृढ़ रवैय्या रखना चाहिये फिर चाहे नताजा कुछ भी हो। बता दें कि मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मी, किरण बेदी के पोस्टर थाम कर, 'किरण बेदी शेरनी हमारी', जैसे नारे लगा रहे थे। आइये जानते हैं कि, आखिर क्या कारण है कि वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मी, पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी को याद कर रहे थे? 

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►31 साल पहले भी हुआ था "काला कोर्ट वर्सेज खाकी वर्दी" तमाशा

बात भले ही 31 साल पुरानी हो, लेकिन इसके तार भी तीस हजारी कोर्ट से जुड़े हैं। उस दैरान भी राजधानी काला कोर्ट वर्सेज खाकी वर्दी की गवाह बनी थी। घटना 1988 की है। आईपीएस किरण बेदी तब दिल्ली में डीसीपी नॉर्थ के पद पर तैनात थीं। पुलिस ने 15 जनवरी 1988 को एक वकील को सेंट स्टीफेंस कॉलेज से एक लड़की का पर्स चुराते हुए गिरफ्तार किया था। अगले दिन तीस हजारी कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान, वकील भड़क गए और तत्काल आरोपी वकील को छोड़ने की मांग के साथ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। मजिस्ट्रेट ने वकील को छोड़कर दिल्ली पुलिस कमिश्नर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एक्शन लेने के लिए कहा। 

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►दिल्ली हाई कोर्ट ने किया था हस्तक्षेप 

घटना के बाद, वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी। 20 जनवरी को किरण बेदी ने पुलिस एक्शन का समर्थन करते हुए कथित 'चोर' को छोड़ने के लिए मजिस्ट्रेट की भर्त्सना की थी। किरण बेदी से कुछ वकीलों ने उनके तीस हजारी कोर्ट कॉम्पलेक्स में मौजूद दफ्तर में मिलने की पेशकश की, लेकिन लाठीचार्ज के चलते वकील घायल हो गए। किरण बेदी पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाकर, वकीलों ने हंगामा कर दिया और 2 महीने तक काम-काज ठप कर दिया। 

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दूसरी ओर बेदी ने बताया था कि वकील उनके दफ्तर में जबरन घुस कर, गालियां दे रहे थे और कपड़े फाड़ रहे थे, जिसके कारण पुलिस को मजबूरन बल प्रयोग करना पड़ा। आखिरकार इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए दो जजों की एक कमेटी गठित कर दी और जांच के आदेश दे दिये। कमेटी ने कहा कि आरोपी वकील को हथकड़ी लगाना गलत था। कमेटी ने किरण बेदी के ट्रांसफर की भी सिफारिश की। 

►दिल्ली पुलिस रहे दृढ़, बोलीं बेदी

इस घटना को याद करते हुए किरण बेदी ने बताया, "गिरफ्तारी के वक्त उस शख्स ने अपना परिचय एक वकील के रूप में नही दिया था, उस शख्स ने पुलिस को अपना नाम भी दूसरा बताया था।" साथ ही कहा कि तत्कालीन पुलिस कमिश्नर वेद मारवाह पूरी मजबूती के साथ उनके सपोर्ट में थे। तीस हजारी कोर्ट की मौजूदा घटना के बाद किरण बेदी ने दिल्ली पुलिस को सलाह दी है कि वह अपने रुख पर दृढ़ता से कायम रहे चाहे नतीजा कुछ भी हो।

Web Title: Tis Hazari Tussle: Kiran Bedi comes in support of Delhi Police, recalls 31 yrs old incident ( Hindi News From Newstimes)


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