नेपाल के गढ़ी माई मंदिर में पशु बलि रोकने के लिए भारत के राज्यों ने की मजबूत तैयारी


NP1181 29/11/2019 17:40:13
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LUCKNOW.  राज्य सरकारों ने पशुओं की नेपाल में तस्करी पर रोक लगाने की कवायद तेज कर दी है। नेपाल के प्रसिद्ध गढ़ी माई मंदिर में हर पांच साल बाद होने वाली पूजा में बड़ी संख्या में छोटे-बड़े पशुओं की बलि देने की प्रथा है। वहां बलि के लिए नेपाल से सटे बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों से पशु भेजे जाते हैं। मगर, इस बार की पूजा में बिहार और उत्तर प्रदेश से पशु नहीं जा सकें, इसके लिए सख्ती शुरू हो गई है। इसके लिए न सिर्फ नेपाल सीमा पर गश्त तेज हो गई है, बल्कि अफसरों को पशु तस्कर की पहचान करने, पशुओं की रक्षा और दोषियों की धर-पकड़ की खास ट्रेनिंग दी गयी है। वहीं दूसरी ओर यूनाइट फाउण्‍‍‍‍डेशन लखनऊ के अध्यक्ष डा0 पी0के0 त्रिपाठी ने इस पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

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ये है मामला

नेपाल के बारा जिले के बरियापुर में गढ़ी माई मंदिर में 50 हजार से अधिक छोटे-बड़े पशुओं की बलि दी जाती है। यह परंपरा करीब 400 साल पुरानी है, पर वर्ष 2014 में हुई पिछली पूजा में सरकार और कुछ मानवाधिकार संगठनों की सक्रियता से पशु बलि की संख्या में काफी कमी आई।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर हुई सुनवाई

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने मानवाधिकार कार्यकर्ता गौरी माउलेखी समेत अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछली पूजा यानी अक्टूबर 2014 में भारत से पशु भेजे जाने पर रोक लगा दी थी। वर्ष 2009 में भी तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी समेत कुछ अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस प्रथा को रोकने की कोशिश की थी।

नेपाल सरकार को पत्र लिखकर आग्रह भी किया था, पर कोई असर नहीं पड़ा। तब कई संगठनों ने भारत सरकार से पहल करने का आग्रह किया और वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। इसके बाद रोक का आदेश जारी हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2019 में भी होने वाले पशु बलि को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

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ये कदम उठाए जा रहे

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में राज्य सरकार, पुलिस और पशु एवं मत्स्य विभाग ने बलि के लिए चोरी-छिपे भेजे जाने वाले पशुओं को रोकने की रणनीति बनायी है। सरकार ने पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश तो दिए ही हैं, पशुपालन विभाग, जिला पशु क्रूरता निवारण कमेटी आदि को सक्रिय कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के अलावा नेपाल से सटे सात सीमावर्ती जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी तथा मधुबनी में इस बाबत अफसरों को अलग से प्रशिक्षण दिया गया।

18 सितंबर तक सभी सातों जिले में प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला का आयोजन पूरा हो गया। पशुओं को सुरक्षित बचाने, चारा-दवा की व्यवस्था, चिकित्सा आदि के तरीके बताए गए हैं। सरकार का साफ आदेश है कि बिहार के रास्ते बलि के लिए पशु तस्करी नहीं हो। पकड़े गए तस्करों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।

Web Title: States of India make strong preparations to stop animal sacrifice in Garhi Mai temple of Nepal ( Hindi News From Newstimes)


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