डॉ. पी.के. त्रिपाठी ने कहा, सर्दी में पशुओं का ऐसे करें देखभाल..


NP97 29/11/2019 18:13:20
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Lucknow. सर्दी का मौसम आ गया है, ठंडी हवाएं चल रही है,  कोहरा व पाला पड़ रहा है। दिन भी छोटा हो गया है। जिससे सूरज की गर्मी पृथ्वी पर भरपूर नहीं पड़ रही है। जिससे प्रदेश भर में विभिन्न स्थानों पर स्थाई व अस्थाई ,गो आश्रय स्थल, गोशालाएं व बेसहरा गोवंश को पालने को लिए प्राप्त करने वाले गोपालक व अन्य पशुपालक जो पशुओं को पाल रहे है। उन्हें इन पशुओं को ठंडक से बचने तथा इनका स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए बचाव जरूरी है। पशुओं को ठंड से बचाव के लिए उ.प्र. मानद राज्य पशु कल्याण अधिकारी,  डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी ने यूनाइट फाउण्डेशन से निम्न उपाय बताये-

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1- पशुशाला की खिड़कियों व दरवाजे को बोरे व टाट से बंद करके रखें। 
2. जमीन पर पैरा, पुआला या सूखी घास का बिछावन लगाएं, जिसे समय-समय पर बदलते रहें। 
3. पशुशाला में गोबर व मूत्र साफ करें, फर्स या जमीन सूखी रहे।
4. पशुशाला की छत यदि टीन य एस्बेस्टस की है तो इस पर पैरा या भूसा डाल कर ढक दें जिससे छत से भी ठंडक न आ पाए।
5. पशु को चराई के लिए प्रात: 10 बजें के बाद ही छोड़े व शाम को 4 से 5 बजे के पहले पशुशाला में ला कर बांध दे। ध्यान रहे जब कोहरा पड़ रहा हो या सर्दी में वर्षा हो रही हो तो चरने के लिए न ले जाएं।
6- पशु को ताजा पानी पिलाएं, बासी या ठंढा पानी बिल्कुल न दें।
7- पशुओं को खनिज लवण व नमक दें।
8- पशु को सुखा चारा व हरा चारा मिला कर दें।
9- सकेंद्रित आहार की मात्रा बढ़ा दें।

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10- पशु को सर्दी से बचाने के लिए बोरा या टाट का झोला यो कोट पहनाएं।
11- पशु को सर्दी में गुड़ व तेल देना लाभकारी होगा।
12- पशुशाला में अलाव जलाकर गर्मी पहुंचा सकते है, परन्तु इससे पशु को दूर रखे व जलने बचाएं।
13- पशु को उदर कृमि नाशक औषधि अवश्य दें ताकि पेट में कीड़े न रहे।
14- सर्दी में अक्सर पशुओं अफरा या पेट फुलने की बीमारी हो जाती है, ऐसी दशा में तुरंत अलसी या सरसो का तेल व हींग दें।
15- कभी कभी दस्त भी हो जाता है, ऐसी दशा में बेल गूदा, कत्था, खड़िया लाभकारी होता है।
16- नवजात बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए बोरा या टाट उढ़ाये व तेल तथा थोड़ी हल्दी का सेवन कराएं। 
17- धूप आने पर पशुशाला के पर्दे हटा दें ताकि सूरज की किरणें पशुशाला में आ सकें, .जिससे पशुशाला की पर्श सूख जाएगी।
सर्दी के समय अक्सर निमोनिया, दस्त, पेट फूलना, टाइफाइड, ब्रॉकाइटिस हो जाती है, ऐसी स्थिति में तुरंत समीप के पशुचिकित्साविद् को तुरंत दिखा कर सलाह ले।     

 

 

Web Title: Dr. PK Tripathi said, take care of animals in winter .. ( Hindi News From Newstimes)


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