कानपुर हिंसा: आईबी ने शासन को भेजी रिपोर्ट, पुलिस-प्रशासन की लापरवाही आई सामने


NP1357 22/12/2019 16:58:30
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Lucknow. इंटेलीजेंस ब्यूरो (Intelligence Bureau) की तरफ से लगातार मिल रहे इनपुट और अलर्ट को शहर के अफसरों ने ठेंगा दिखाया, जिसका परिणाम ये रहा कि शहर के कई संवेदनशील इलाकों में शुक्रवार और शनिवार को हिंसा (Violence) हुई। शुक्रवार को यतीमखाना (Yatimkhana) के पास हुए बवाल की आशंका की खबर खुफिया (Intelligence) को पहले ही मिल चुकी थी। 

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सूत्रों के मुताबिक, खुफिया (Intelligence) ने अलर्ट कर दिया था, लेकिन शहर के कुछ जिम्मेदार अफसर सिर्फ धर्म गुरुओं के साथ बैठक और सोशल मीडिया  (Social Media) के सहारे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। खुफिया (Intelligence) ने भीड़ की संख्या का भी अंदेशा जता दिया था। शायद इसे मानकर अफसर यदि फोर्स की समुचित व्यवस्था करते तो हिंसा न होती। 

आईबी ने शासन को भेजी रिपोर्ट

इंटेलीजेंस ब्यूरो (Intelligence Bureau) ने शहर में हुई हिंसा की एक विस्तृत रिपोर्ट (Report) शासन को भेजी है। माना जा रहा है कि बवाल थमते ही एक-दो बड़े अफसरों पर कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी। आइबी (IB) ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी है, उसमें दावा किया है कि हिंसा भड़कने की आशंका काफी पहले ही जता दी गई थी। शहर पुलिस (Police) को अलर्ट (Aleart) किया गया था, लेकिन उसके बाद भी कोई कवायद अफसरों की तरफ से नहीं की गई। जिसके परिणाम में कई जगहों पर बवाल (Uproar), आगजनी (Arson), फायरिंग (Firing) और पत्थरबाजी (Stone Pelting) हुई।

हिंसा को रोकने में नाकाम रही पुलिस

रिपोर्ट (Report) में यह भी कहा गया है कि प्रशासन की तरफ से भीड़ को रोकने के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। जिसकी वजह से उपद्रवियों के हौसले बुलंद हुए। कुछ ऐसा ही शनिवार को यतीमखाना (Yatimkhana) के पास हुए उपद्रव में भी हुआ। इसकी भी सटीक सूचना आइबी (IB) ने शहर के अफसरों को दे दी थी, लेकिन पुलिस (Police) के अफसर दोबारा हुई हिंसा (Violence) को भी रोकने में नाकाम साबित हुए।

खुफिया ​​विभाग के इनपुट को अफसरों ने किया नजरअंदाज

खुफिया (Intelligence) सूत्रों की मानें तो मुस्लिम संगठनों (Muslim Organizations) की तरफ से रविवार को विरोध-प्रदर्शन करने की बात कही थी। ऐसे में पुलिस (Police) जुमे के दिन पूरी तरह से आश्वस्त थी कि बवाल नहीं होगा। जबकि आइबी (IB) को कई जगहों से इस बात के इनपुट मिले थे कि जुमे की नमाज के बाद ही भीड़ सड़कों पर उतरेगी। ये संख्या 20 से 30 हजार के बीच भी हो सकती है, जिसके बाद बवाल होने की भी आशंका होगी। लेकिन शहर पुलिस (Police) के अफसरों ने खुफिया (Intelligence) के इस इनपुट को नजरअंदाज किया। बताया जा रहा है कि इस बात को जिक्र आइबी ने शासन को भेजी गई रिपोर्ट में प्रमुखता से किया है।

मिलिट्री इंटेलीजेंस सक्रिय

कानपुर में पिछले दो दिनों से अतिसंवेदनशील एरिया में लगातार हो रही भारी हिंसा के बीच मिलेट्री इंटेलीजेंस (एमआइ) भी शहर में सक्रिय हो गई है। सूत्रों के मुताबिक आवश्यकता पड़ने पर कानपुर में सेना (Army) की भी मदद ली जा सकती है। हालांकि अभी तक ऐसे हालात नहीं है।

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Web Title: IB sent report to government, police-administrations negligence surfaced ( Hindi News From Newstimes)


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