आनंदोत्‍सव : 'मैं कब बना संसारी, मुझे होश न था' भजन से श्रोता हुए मंत्रमुग्‍ध


NP1181 12/01/2020 16:31:14
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LUCKNOW. यूनाइट फाउण्‍डेशन की ओर से माह के दूसरे रविवार को आनन्दोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में रविवार को हुए कार्यक्रम में भजन गायकों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन जीत लिया  

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बच्चे के जन्म के समय का वर्णन करते हुए दीपक वर्मा ने भजन प्रस्तुत किया, जिससे अनजान बालपन की याद ताजा हो गयी। उनकी पंक्तियां इस प्रकार हैं, मैं कब बना संसारी, मुझे होश न था। मेरा निर्मल-निर्मल मन था, कोई दोष न था। इससे पहले गणपति वंदना प्रस्तुत की, जिसकी  पंक्तियां इस प्रकार हैं- शंकर सुवन केसरी के नन्दन,गाइए गणपति जग बंदन। मस्तक बना है मां बंदना के लिए, मैं नहीं मेरा नहीं, यह तन है किसी ओर का। 

इसके बाद एक झोली में फूल भरे हैं, एक झोली में कांटे, अरे कोई कारण होगा भजन गाकर एच.के. मिश्रा ने सभी श्रोताओं का मन मोह लिया। इस भजन के जरिए उन्होंने सांसारिक जीवन की ओर ध्यान आकर्षित किया। इसी क्रम में राम मनोहर पटेल ने पहली बार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मुरली वाले की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने मुरलिया वाले मेरा दिल तुझ पे कुरबां भजन प्रस्तुत किया। शिवम द्विवेदी ने भी राधेश्याम की महिमा का वर्णन किया, जिसकी पंक्तियां इस प्रकार हैं-राधे तेरे चरणों की, श्यामा तेरे चरणों की, धूल अगर मिल जाए।।

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इसके बाद सविता वर्मा ने भोले शंकर की वंदना प्रस्तुत की। जिसके बोल इस प्रकार हैं- गूंजे सदा जयकार भोले तेरे भवन में, तारेंगे भव के पार, प्रभु जी तेरी शरण में। असिस्टेंट प्रोफेसर आभा दीक्षित ने श्रीराम की महिमा का बखान किया। उन्होंने श्रीराम चन्द्र कृपालु भज मन हरण भवभय दारुणं, नवकंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं भजन सुनाया। कार्यक्रम में सबसे कम उम्र की नन्हीं परी माइका दीक्षित ने हनुमान चा​लीसा प्रस्तुत की।

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मन्नू शुक्ला ने भी श्रीकृष्ण का जिस तरह वर्णन किया, उससे तो सभी को अपनी ओर आकर्षित ​कर लिया। उन्होंने नटवर नागर नंदा, भजो मन गोविन्दा भजन प्रस्तुत किया। राधेश्याम दीक्षित ने प्रेम सदा भरपूर रहे, हनुमान तुम्हारे चरणों में। यह अर्ज मेरी मंजूर रहे, हनुमान तुम्हारे चरणों में गाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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कार्यक्रम की संचालिका सीमा मेहरोत्रा ने नाम मुरली का ले के सबेरे-सबेरे, गीत गाकर सभी को अपना मुरीद बना लिया। इस अवसर पर यूनाइट फाउण्‍डेशन के सचिव सौरभ मिश्र और उनकी धर्मपत्‍नी स्मिता मिश्रा ने  एच.के. मिश्रा, मन्नूलाल शुक्ला और माइका दीक्षित को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। 

Web Title: When I became a worldly person, I was not conscious - Deepak Verma ( Hindi News From Newstimes)


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