National Youth festival 2020 : नीर, नारी और नदी का सम्मान करके ही दुनिया का नारायण बना था भारत - जल पुरुष राजेंद्र सिंह 


NP863 13/01/2020 17:50:27
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Lucknow. राजधानी में सोमवार (13 जनवरी 2020) को 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव के दूसरे दिन सुविचार एवं राष्ट्रीय युवा समागम के दौरान यूपी के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, लखनऊ विश्‍‍‍वव‍िद्यालय के कुलपति आलोक कुमार राय, जल पुरुष राजेंद्र सिंह, सौरभ शाह (भारत सरकार युवा कार्यक्रम), राज्य एनएसएस अधिकारी अंशुमाली, जितेंन्द्र चड्डा, रवि कुमार सिंह, पद्मश्री डॉ. अरुणिमा सिन्हा, अशोक श्रोती सहित तमाम लोग मौजूद रहे। 

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कार्यक्रम के दौरान जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने बताया कि यह गौरव है कि भारत युवा देश है, यहां का युवा विश्व को दिखा सकता है कि वह प्रकृति, धरती का साझी सोच रखने वाला है। एक समय था जब हम वास्तव में दुनिया को सिखाने वाले थे, लेकिन भारतीयों द्वारा यह सिखाने का दौर तब तक था, जब तक भारतीय अपने भगवान को जानते थे। भगवान का अर्थ है भूमि, गगन, वायु, अग्नि और नीर। नीर यानी पानी, प्लैनेट के 118 एलिमेंट में से 109 एलिमेंट को अपने अंदर डिजाल्व कर लेता है। इसलिए यदि हमें इस ब्रह्माण्ड को आगे लेकर जाना है या इसे समझना है तो हम फिर से दुनिया के गुरु बन सकते हैं। दुनिया के गुरु बनने में हमें नीर, नारी और नदी का सम्मान करना होगा। नीर, नारी और नदी का सम्मान करके ही भारत दुनिया का नारायण बना था। आज हमारा संकट बढ़ता जा रहा है। 

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राजेन्द्र सिंह ने बताया कि अगर आप देखें कि दुनिया बिना पानी के उजड़ती क्यों जा रही है तो उसका कारण वहां पानी का प्रबंधन लोगों के हाथ में नहीं कंपनी के हाथ में था और लोगों ने पानी का व्यापार किया। उन्होंने बताया कि दुनिया का लीडर बनने के लिए भारत के 65 करोड़ युवाओं को धरती, प्रकृति और मानव का सम्मान करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि भारतीय मूल ज्ञानतंत्र में प्रकृति को विनाश किये बिना इंसानों की जरूरत पूरी करने का बड़ा विज्ञान था। उस जमाने में हम साइंस को विद सेंस यूज करते थे, लेकिन आज हमारी यूनिवर्सिटी साइंस को सिर्फ इक्वेशन औऱ कैलकुलेशन में यूज करती हैं।

 

 

इक्वेशन और कैलकुलेशन की साइंस सिर्फ लाभ कमाने के लिए होती है। जबकि साइंस विद सेंस हमारे फ्यूचर को सनातन रखने के लिए होती है। 80 के दशक में लोग गांव छोड़ शहर की ओर चले गये। इन्हें दोबारा बसाने के लिए लोकल एक्शन शुरु किया गया। इसके लिए धरती का पेट पानी से भरा गया। 

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Web Title: neer nadi or pani ke samman se hi bahart duniya ka narayan bana tha ( Hindi News From Newstimes)


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