कांग्रेस के दो दिग्गज नेता बोले- CAA लागू करने से मना नहीं कर सकते राज्य, जानें वजह...


NP1509 19/01/2020 12:50:36
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New Delhi. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का कांग्रेस (Congress) समेत तमाम विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं। साथ ही गैर-भाजपा शासित प्रदेशों में सीएए (CAA) को न लागू होने देने की बात भी कही जा रही है। इसी बीच कांग्रेस (Congress) के दो दिग्गज नेताओं ने अपनी पार्टी के स्टैंड के खिलाफ बयान दिया है।

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दरअसल, पूर्व विदेश मंत्री (Former Foreign Minister) सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) और पूर्व कानून एवं न्याय मंत्री (Former Law and Justice Minister) कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) का मानना है कि सीएए के संसद में पारित होने के बाद संवैधानिक रूप से किसी भी राज्यों के लिए इस कानून को न मानना मुश्किल होगा।

सलमान खुर्शीद का बयान

पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने कहा कि संवैधानिक रूप से, राज्य सरकार के लिए यह कहना मुश्किल होगा कि' हम संसद द्वारा पारित सीएए का पालन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता है तो यह क़ानून की किताब पर बना रहेगा। अगर कोई क़ानून की किताब पर है तो आपको कानून का पालन करना पड़ेगा, अन्यथा इसके अलग नतीजे हो सकते हैं। 

खुर्शीद ने कहा कि इस कानून को लेकर अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही कुछ कर सकता है। यह एक ऐसा मामला है जहां राज्य सरकारों का केंद्र के साथ बेहद गंभीर मतभेद है। इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करेंगे। 

कपिल सिब्बल का बयान

इससे पहले पूर्व कानून एवं न्याय मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने शनिवार को केरल साहित्य उत्सव में कहा कि जब सीएए पारित हो चुका है तो कोई भी राज्य यह नहीं कह सकता कि वह उसे लागू नहीं कराएगा। यह संभव नहीं है और असंवैधानिक है। 

सिब्बल ने आगे कहा कि आप उसका विरोध कर सकते हैं, राज्य की विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं और केंद्र सरकार से कानून को वापस लेने की मांग कर सकते हैं। लेकिन संवैधानिक रूप से यह कहना कि इसे लागू नहीं करेंगे, अधिक समस्याएं पैदा कर सकता है। 

इन राज्यों ने कानून लागू करने से किया इंकार

बता दें कि देश भर में 10 जनवरी से नागरिकता कानून लागू (CAA) हो चुका है। लेकिन केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित गैर-भाजपा शासित प्रदेशों की सरकार ने इसे अपने राज्य में लागू करने से इनकार किया है। इन प्रदेशों ने सीएए के साथ-साथ एनआरसी और एनपीआर का भी विरोध किया है। केरल सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। 

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Web Title: Salman Khurshid and Kapil Sibal statement about CAA ( Hindi News From Newstimes)


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