IMF सहित कई एजेंसियों ने घटाया भारत की जीडीपी का अनुमान


NAZO ALI SHEIKH 21/01/2020 14:42:38
27 Views

New Delhi. आर्थिक मामले को लेकर एक और बुरी खबर आई है, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (International Monetary Fund) (IMF) ने भारत की GDP का अनुमान घटा दिया है। आईएमएफ (IMF) ने साल 2019-20 के लिए भारत की विकास दर 6 प्रतिशत से घटाकर 4.8 प्रतिशत कर दी है। इतना ही नहीं आईएमएफ ने यह भी कहा है कि दुनिया में आर्थिक सुस्ती के लिए भारतीय अर्थव्यस्था (Indian Economy) ही जिम्मेदार है। सिर्फ आईएमफ ही नहीं और भी कई एजेंसियां जैसे मूडीज और यूएन ने भी भारत की जीडीपी का अनुमान घटा दिया है। 

21-01-2020144553Severalagenci1

  2021 में हो सकता है सुधार

IMF के अनुसार, भारतीय आर्थिक वृद्धि दर (Indian Economic Growth Rate) 2019 में घट कर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि 2020 और 2021 में इसमें सुधार हुआ तो यह 5.8 प्रतिशत और 6.5 फीसदी रह सकती है। मुद्राकोष के अक्टूबर में जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Scenario) के पूर्व अनुमान के देखते हुए यह आंकड़ा क्रमश: 1.2 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत कम है। 

  कई एजेंसियों ने घटाया जीडीपी अनुमान

आईएमएफ (IMF) - पिछली बार 6 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 4.8 फीसदी अनुमान

एसबीआई- (SBI) पिछली बार 5 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 4.6 फीसदी अनुमान

यूएन- (UN) पिछली बार 7.6 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 5.7 फीसदी अनुमान

फिच- (Fitch)  पिछली बार 5.6 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 4.6 फीसदी अनुमान

एडीबी- (ADB) पिछली बार 6.5 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 5.1 फीसदी अनुमान

मूडीज- (Moody's) पिछली बार 5.8 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 4.9 फीसदी अनुमान

एनएसओ- (NSO) पिछली बार कुछ नहीं, अब 5 फीसदी अनुमान

वर्ल्ड बैंक- (वर्ल्ड बैंक)  पिछली बार 6 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 5 फीसदी अनुमान

आरबीआई- पिछली बार 6.1 फीसदी जीडीपी का अनुमान, अब 5 फीसदी अनुमान

यह भी पढ़ें... दिल्ली चुनाव : AAP के ये दिग्गज नेता नहीं लड़ेंगे चुनाव, उनकी पत्नी को मिला टिकट

  कितनी है दुनिया की जीडीपी

रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया की जीडीपी करीब 569 लाख करोड़ की है। वहीं, भारत की अर्थव्यवस्था 19 लाख करोड़ है। मतलब दुनिया की अर्थव्यवस्था का सिर्फ 3 प्रतिशत। ग्रामीण इलाकों की गरीबी और बैंकों की सुस्ती ने भारत की अर्थव्यवस्था को दिक्कत में डाल दिया है। 

  अर्थशास्त्री गोपीनाथ ने कहा

IMF की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा है कि भारत में आर्थिक अस्थिरता आई और दुनिया आर्थिक सुस्ती से गुजरने लगी। गीता गोपीनाथ ने इसके लिए भारत में नॉन बैंकिंग फाइनेशियल सेक्टर यानी एनबीएफसी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुस्त प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया है। 

21-01-2020144610Severalagenci2

  एनबीएफसी सेक्टर में एनपीए बढ़ा

एनबीएफसी सेक्टर, जहां नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स यानी एनपीए मार्च 2019 से सितंबर 2019 तक 6.1 फीसदी से बढ़कर 6.3 फीसदी हो गया। एनबीएफसी जैसी संस्थाओं के पैसे डूब रहे हैं तो बैंकों की हालत भी ठीक नहीं है। क्योंकि मार्च 2019 में जहां बैंकों ने 13.2 फीसदी लोगों को कर्ज बांट तो सितंबर 2019 में लोगों की कर्ज लेने की क्षमता गिरकर 8.7 फीसदी हो गई।

सरकार का लक्ष्य भारत को 50 खरब डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 9 फीसद की जीडीपी चाहिए। साल 2019 में तो जीडीपी वृद्धि दर 5 फीसदी ही रही है जो रिजर्व बैंक के अनुमान से भी कम है।

Web Title: Several agencies including IMF reduced India s GDP estimates ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया