खुलासा: सीएए के विरोध में हुई हिंसा के लिए पीएफआई ने की 120 करोड़ की फंडिंग, वकील कपिल सिब्बल को भी दिए गए पैसे!


NP1357 27/01/2020 17:02 PM
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Lucknow. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन (CAA Protest) हो रहे हैं। बीते दिनों प्रदर्शन (Protest) के दौरान उत्‍तर प्रदेश सहित तमाम राज्‍यों में हिंसा भी हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौतें भी हुईं थी। अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी (ED) ने दावा  किया है कि सीएए (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान जहां हिंसा हुई थी, वहां सीधे पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) से तार जुड़े हैं।

direct link between anti-CAA protests in Uttar Pradesh and the Popular Front of India

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 73 बैंक खातों में 120 करोड़ रुपए से ज्‍यादा जमा किए गए थे। दो से तीन दिनों के अंदर करीब 120 करोड़ रुपए जमा किये गए और  उन्‍हें तुरंत निकाल भी लिया गया है और इन पैसों का प्रदर्शन में इस्‍तेताल हुआ है। सीएए (CAA) के विरोध में यूपी के बिजनौर, हापुड़, बहराइच, शामली और डासना सहित अन्य जगहों पर कई बैंक खातों में पैसे भी भेजे गए थे। 

कई बड़े वकीलों को पैसे दिए गए

रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि पीएफआई (PFI) की कश्मीर यूनिट को भी 1.65 करोड़ रुपये मिले थे। ईडी (ED) ने गृह मंत्रालय को इन पैसों के लेनदेन के बारे में आगाह किया था। सूत्रों के मुताबिक, पीएफआई (PFI) के बैंक खातों से देश के कई बड़े वकीलों को पैसे दिए गए हैं, इनमें कपिल सिब्‍बल और इंदिरा जयसिंह के अलावा कई अन्य वकीलों के नाम भी सामने आ रहे है। 

पापुलर फ्रंट आफ इंडिया को बैन करने की मांग

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में प्रदेश में हुई हिंसा के बाद योगी सरकार ने पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) को बैन करने की मांग की थी। हिंसा को भड़काने में पीएफआई का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने भी बताया था कि हिंसा भड़काने के आरोप में पीएफआई के 25 सदस्‍यों को भी गिरफ्तार किया गया था।

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Web Title: direct link between anti-CAA protests in Uttar Pradesh and the Popular Front of India ( Hindi News From Newstimes)


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