सांड के हमले से फसल की रखवाली कर रहे किसान की मौत


D. K. SHUKLA 02/02/2020 07:17:14
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Unnao. पाटन। क्षेत्र में आवारा मवेसियों से किसानों की मेहनत पर तो पानी फिर ही रहा है अब यह समस्या जानलेवा भी हो चली है। कड़ी मशक्कत के खेतों में खड़ी फसलों को इन मवेशियों के प्रकोप से बचाने के लिए किसान मौसम की परवाह किए बिना रात दिन निगरानी को मजबूर है। ऐसे में हिंसक हो चुके ये मवेशी अब उनकी जान के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। ऐसी ही एक घटना में बिहार थाना क्षेत्र के जालापुर गांव में खेतों की रखवाली कर रहे वृद्ध किसान पर आवारा सांड ने हमला बोल दिया। इस हमले में मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गयी। 

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शनिवार बिहार थाना क्षेत्र के जालापुर मजरे डेहवा गांव निवासी किसान 65 वर्षीय श्री कृष्ण पुत्र स्व. राजाराम के गांव किनारे स्थित अपने खेत खड़ी फसल की निगरानी कर रहा था। खेत में लगे तम्बू के नीचे बैठे किसान पर अचानक एक आवारा सांड ने हमला बोल दिया। इससे पहले कि वृद्ध सम्हल पाता हमलावर हुए सांड ने उसे सीगों में फंसा कर ताबड़तोड़ कई पटखनी लगा ली। जिससे वृद्ध ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वृद्ध के लिए नाश्ता लेकर खेत पहुंची उसकी बेटी ने जब मृत पड़े पिता को देखा तो उसकी चीख निकल गयी। उसकी चीख सुन कर दौड़े ग्रामीणों और परिजनों ने जब खेत का दृश्य देखा तो स्तब्ध रह गए। खून से लथपथ श्रीकृष्ण वहां निष्प्राण पड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

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  पिता का सहारा छिनने से बेसहारा हुए तीन मासूम
सांड के हमले से हुई किसान की मौत की घटना से उसका पूरा परिवार छिन्न भिन्न हो गया। उसकी पत्नी कृष्णावती और बच्चों अमरजीत (14), रोहित (7) व सारिका(9) का रो रो कर बुरा हाल था। ग्रामीणों के मुताबिक परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। आवंटन में दो बीघा जमीन ही परिवार के भरण पोषण का एक मात्र साधन थी। श्रीकृष्ण की मौत के बाद अब उसके परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। 

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  तो उपज सकता है खाद्यान्न संकट
कहने को तो आवारा जानवरों की समस्या से निजात दिलाने के सरकार प्रयास कर रही है लेकिन ये प्रयास सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। तहसील क्षेत्र के कुछ एक गांवों में बनाई गयी अस्थाई गौशालाएं ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत को चरित्रार्थ करती नजर आ रही है। हकीकत यह है कि चारों और किसान आवारा मवेशियों से आतंकित है। यही नहीं पल भर में महीनों कड़ी मेहनत पर पानी फिरता देख अब किसानों को खेती से मोहभंग होने लगा है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों खाद्यान्न की विकराल समस्या खड़ी हो सकती है। 

 

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Web Title: The farmer who was guarding the crop died due to the attack of the bull ( Hindi News From Newstimes)


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