मानवता की कमी और स्वार्थवाद दुर्घटना का मूल कारण!


NP1357 13/02/2020 15:51:07
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13-02-2020162737Humanitydefic1

कृष्ण प्रकाश

देश के नागरिक राष्ट्र का आधार हैं। संवेदनशील व्यक्ति को हर नागरिकों की मृत्यु पर केवल दुख ही नहीं होता, बल्कि दिल रोता भी है। आज ही नहीं, गत 70 वर्षों से लाखों नागरिक हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में, जहरीली शराब से, शार्ट सर्किट-बिजली के तारों की अव्यवस्था से लगने वाली आग से, दवाओं व खाद्य पदार्थों में मिलावट से, आवारा पशुओं से और तम्बाकू आदि के कारण असमय मृत्यु हो जाती है। इस हानि के मूल में मनुष्य की अकर्मण्यता, भ्रष्टता, मानवता व दिल में दर्द की कमी और पनपता स्वार्थवाद है। यही कारण हर उपचार के रास्ते में बाधा बनते हैं। 

आइये इस लेख में दुर्घटनाओं के कारण और उनके निवारण पर चर्चा करते हैं-

- शहर की विकास योजनाओं का अक्षम योजनाओं को कम समय के दृष्टिकोण से बनाया जाना और अक्षम अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उनका क्रियान्वयन किया जाना। योजना में व्यवसायिक भवन में पार्किंग की उचित व्यवस्था का न किया जाना। स्कूल, कॉलेज, पार्क, मनोरंजन केंद्र, व्यापार केंद्र, बस स्टैन्ड, पुलिस पोस्ट भवन आदि के लिए उचित व्यवस्था व पर्किंग न होना, सड़कों कम चौड़ा होनस, बस स्टेशन का न बनाया जाना, दिन प्रतिदिन बड़ी बसों व कारों का प्रयोग बढ़ना, विकसित किए जाने वाले क्षेत्र का सही समतल न करना, सीवर लाईन, पानी की लाईन, गैस व टेलीफोन लाईन का न पड़ना, बिजली की उचित व्यवस्था न किया जाना, योजना के पचास प्रतिशत धन को भ्रष्ट व्यक्तियों द्वारा खा जाना, क्रियान्वयन में नियमों को तोड़ना आदि तथा बरसात के पानी की सही निकासी/उपयोग की व्यवस्था का न होना।

Humanity deficiency and root cause of selfishism accident

- आवासीय क्षेत्रों में व्यवसायिक केंद्रों व सेवा केंद्रों का खुलना तथा कम चौड़ी सड़कों को व्यवसायिक सड़क घोषित किया जाना। उनके कारण वाहनों का सड़क पर खड़ा होना, जिस कारण पुलिस द्वारा वाहन मालिकों को परिवाहन नियम का पालन न किए जाने के लिए (विशेष रुप से कार व दो पहिया वाहन) सजा देना। अनुचित रूप से खोली गई दुकानों के द्वारा सड़क पर अतिक्रमण किया जाना। 80 प्रतिशत भवनों का निर्माण पास किए गए नक्शों के अनुसार न होना। फुटपाथ पर रैम्प बनाया जाना, विज्ञापन बोर्ड लगाया जाना, व्यक्तिगत प्रयोग किया जाना आदि।

- बिजली विभाग द्वारा व टेलीफोन ऑपरेटर्स द्वारा ढीले तारों का प्रयोग व जाल फैलाया जाना, खम्भों व ट्रान्सफॉर्मर्सों का सही स्थान पर न होना, वन विभाग द्वारा बिना योजना के लम्बे-2 पेड़ों का लगाया जाना। भवन बनाने वालों द्वारा सड़क पर निर्माण सामग्री का फैलाया जाना, कारों का घर के बाहर खड़ा किया जाना, सड़कों पर ठेलों का लगना, व्यवसायिक वाहनों का खड़ा होना अर्थात वाहनों के चलने के लिए उचित स्थान का न बचना।

- सड़क पर जानवरों, गायों, कुत्तों का अधिक संख्या में घूमना। प्रजातंत्र के नाम पर सड़कों पर सरकारी जमीन पर मंदिर, मस्जिद, चर्च का बनाया व बढ़ाया जाना, वाहन खड़ा किया जाना, भीड़ का इकट्ठा होना। 

Humanity deficiency and root cause of selfishism accident

- सही शिक्षा व सही बुद्धि के अभाव में गाड़ी का तेज चलाना, सड़कों की उल्टी दिशा से निकलना, मोबाइल का प्रयोग किया जाना, चौराहों पर लाईट का न होना व नियमों का पालन न किया जाना, चौराहों पर ऑटो टैम्पों, बस, ई-रिक्शा आदि का बेतरतीब खड़ा होना। चौराहों का सही निर्माण न होना, ठेलों के द्वारा घेरा जाना, सड़कों के निर्माण में सब पास, वाईपास के निर्माण की कमी, बस स्टैन्ड/ टैम्पो स्टैंड का न बनाया जाना आदि।

- नेताओं के द्वारा पुलिस फोर्स का स्टेट्स सिम्बल के रूप में सायरन बजाते हुए प्रयोग किए जाने से सड़क पर व्यवस्था खराब हो जाती है। चुनाव जीतते ही जनता द्वारा चुने गए नेता इतने असुरक्षित कैसे हो जाते है कि पुलिस सुरक्षा की अवश्यकता पड़ती है और जनता के लिए पुलिस कम पड़ जाती है। 

इन कारणों का निवारण 

वर्तमान परिस्थिति में नागरिक मर रहे हैं, नुकसान उठा रहे हैं और हर स्थिति में शासन तंत्र स्वार्थसिद्धि कर स्वस्थ्य होने का प्रयास कर रहा है। अंग्रेजों द्वारा अंग्रेजी शासन की सेवा के लिए विकसित की गई शिक्षा व शासन/सेवा प्रणाली का पालन नागरिकों पर अत्याचारी सिद्ध हो रहा है। सुधार व्यवस्था के अभाव में नागरिकों की मौत हो रही है और बढ़ती आर्थिक दंड प्रणाली को भी सहन कर रही हैं। शासन दुर्घटना रोकने के उपायों को तो सोच नहीं पाती और कुछ कर नही पाती। दुर्घटना होने पर होने वाले परिणामों से बचने के लिए उपाय करने पर आर्थिक दंड देने की व्यस्था बनाती रहती है। ऊपर बताए गए कारणों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को सजा देने की व्यस्था नहीं करती (चूंकि अपने आप को कौन सजा देना चहता है।)।

कारणों के अध्ययन से यह स्पष्ट है कि 75 फीसदी  दुर्घटनाएं शासन के द्वारा किए गए कार्य, अपनाई गयी नीति, शासन प्रणाली में नैतिक व राष्ट्र शिक्षा का अभाव रहा है। चूंकि शिक्षा प्रणाली के दौरान सही व्यक्तित्व विकास व सेवा भाव सिखाने पर जोर नहीं रहा। परिणामस्वरूप विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, अंग्रेजों के जमाने की शासन प्रणाली में उचित सुधार नहीं आया और वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार बनी हुई हैं। सारे समय लोग देश के नहीं वोट के और अपने विकास के दीवाने हैं। जिस परिवार का व्यक्ति भगवान के पास जाता है, वह कष्ट सहन करता है। कारण अधिकतर अन्य लोग होते हैं। अत: सख्त और सही रास्ता अपनाने पर किसी को नाराज नहीं होना चाहिए। चूँकि अंत सब कुछ उसी के लाभ के लिए होगा। 

निम्न कदमों का सुझाव है— 

- शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीयता, समाज के प्रति कर्तव्य अनुशासन व सेवा भाव की ओर जागरूकता एवं भारतीय संस्कृति की कुछ ज्ञानवर्धक बातें बताना चाहिए। लाखों नागरिकों की जान बचाने व शासन तंत्र को सुधारने के लिए।

- ऐसे 5 फीसदी अधिकारी व कर्मचारी जो भ्रष्ट होने के घेरे में आते हों, काम के प्रति लापरवाह हों, क्षमता व काम के ज्ञान में कमी पाई जाए, राष्ट्र के प्रति प्रेम व सेवाभाव का अभाव हो, प्रतिवर्ष किए कार्य में गुणवत्ता का अभाव पाया जाए, उन्हें निलम्बित किया जाए। उत्पादकता बढ़ाने के लिए वर्ष में कार्य के दिन कम से कम 290 होने चाहिए। अन्य अवकाश वेतन रहित होने चाहिए।

Humanity deficiency and root cause of selfishism accident

- वित्त वर्ष के प्रथम दिन कार्य पर आते ही सम्पत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होना चाहिए और न देने पर सम्पत्ति की छानबीन के आदेश होने चाहिए।

- एक लाख से अधिक व्यक्तियों की मौत/घायल होने के कारणों के लिए शासन व्यवस्था में जिम्मेदार व्यक्तियों को 5 वर्ष से मृत्यु दंड तक प्रवधान होना चाहिए।

- ड्राईविंग लाईसेंस देने में 3 माह की ट्रेनिंग व परीक्षा रजिस्टर्ड संस्था द्वारा अनिवार्य होनी चाहिए।

- गाड़ियों का हर 6 माह पर सर्विस को बीमा की तरह अनिवार्य होना चाहिए।

- वाहन खरीदने का अधिकार उसी को होना चाहिए, जिसके पास घर में रखने की व्यवस्था हो।

- सरकारी स्थान पर निर्माण को बिना सूचना के ध्वस्त करने का अधिकार होना चाहिए तथा रात्रि में यह कार्य किया जाना चाहिए। ऐसे निर्माण करने वाले व्यक्ति को 3 से 5 साल की सजा होने का प्रावधन होना चाहिए। 

- चौराहों को सड़कों को वाईपास, अंडर वे बनाकर ठीक किया जाना चाहिए। चौराहों को चारों ओर 100 मी. तक वाहन खड़े करने पर सजा का प्रवधान होना चाहिए। 

- वाहन चलाते समय सेलफोन का प्रयोग, उल्टी ओर वाहन चलाना, वाई ओर से वाहन आगे निकालने पर निश्चित सजा होनी चाहिए।

- सीट वेल्ट लगाने, दो पहिया वाहन में हेलमेट पहनना और दो से अधिक व्यक्ति का बैठना, तेज आवाज में गाने बजाना निषेध होना चाहिए।

- पांच बार नियम तोड़ने पर एक वर्ष के लिए लाइसेंस रद्द करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

Web Title: Humanity deficiency and root cause of selfishism accident ( Hindi News From Newstimes)


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