यूपी बोर्ड: नकलविहीन परीक्षाएं कराना चुनौती


NP1357 18/02/2020 13:41:46
37 Views

रजनीश वर्मा 

एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को नकलविहीन और शुचितापूर्ण तरीके से कराना हमेशा से एक चुनौती रहा है। पूर्व की सरकारों में परीक्षा को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। राजनीतिक दलों ने भी विधानसभा चुनाव 2017 में यूपी बोर्ड में नकल माफिया, शिक्षा माफिया के वर्चस्व को लेकर निवर्तमान सरकार पर तमाम आरोप लगाए थे। बीजेपी ने इसे मुद्दा भी बनाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बोर्ड परीक्षा में धांधली और नकल मफिया के कब्जे को लेकर तत्कालीन अखिलेश सरकार पर हमला बोला था। हालांकि 2017 में भाजपा को मिली जीत के बाद डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के लिए नकल विहीन परीक्षा कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। 

18-02-2020134614Challengeofc1

यूपी सरकार ने वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन और शुचितापूर्ण कराने के लिए कई कदम उठाए थे और वर्तमान में भी सरकार लगातार कई परिवर्तन कर रही, ताकि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न हो सके। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में सरकार ने सख्ती करनी शुरू कर दी, जिसके परिणाम स्वरूप हाईस्कूल और इंटर के परीक्षार्थियों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। वर्ष 2018 में नकल के 3233 प्रकरण प्रकाश में आए, जबकि वर्ष 2019 में मात्र 1182 प्रकरण ही सामने आए। इसी प्रकार वर्ष 2018 में 12.25 लाख किन्तु वर्ष 2019 में 6.69 लाख परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा छोड़ी गई। वर्ष 2019 में स्क्रूटनी के 2240 तथा मार्कशीट संशोधन के 1745 प्रकरण आए हैं। नकल रोकने के लिए किए गए प्रयासों के कारण गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष की हाईस्कूल की परीक्षा में 1,69,980 तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा में 18,658 कुल 1,88,638 परीक्षार्थियों की कमी हुई है। वहीं, 2017 से पहले 12 हजार से भी अधिक परीक्षा केंद्र बनते थे, लेकिन वर्ष 2020 की परीक्षा में सिर्फ 7784 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 

वर्ष 2020 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षाएं 7,784 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ 18 फरवरी से प्रारम्भ गई हैं। बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 16,60,738 छात्र तथा 13,61,869 छात्राएं (कुल 30,22,607) एवं इण्टरमीडिएट के 14,63,390 छात्र तथा 11,21,121 छात्राएं (कुल 25,84,511) सम्मिलित होंगे। हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित हो रहे कुल 56,07,118 परीक्षार्थियों में से 55,16,787 संस्थागत एवं 90,331 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। हाईस्कूल की परीक्षाएं कुल 12 कार्य दिवसों में पूरी होकर आगामी 3 मार्च तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कुल 15 कार्य दिवसों में सम्पादित होकर 6 मार्च को समाप्त होंगी। वर्ष 2017 से पहले इन परीक्षाओं को सम्पन्न कराने में एक माह से भी अधिक समय लगता था।  वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा को शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन कराने के लिए राज्य स्तर पर व प्रत्येक जनपद में कंट्रोल एवं मानीटरिंग सेंटर की स्थापना की गई है। 

राज्य स्तरीय कंट्रोल एवं मानीटरिंग सेंटर में 60 कार्मिक एवं 60 कम्प्यूटर लगाए गए हैं, जिनसे प्रदेश के समस्त परीक्षा केंद्रों एवं जनपद स्तरीय कंट्रोल एवं मानीटरिंग सेंटर की लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी। ई-मेल आईडी पर प्राप्त शिकायतों पर कार्यवाही के लिए कंट्रोल एवं मॉनीटरिंग सेंटर में एक कम्प्यूटर लगाया गया है, जिस पर सुबह सात बजे से सायं सात बजे की अवधि में प्रत्येक दो घण्टे पर ई-मेल चेक की जाएगी तथा प्राप्त शिकायतों पर 24 घंटे के अन्दर कार्यवाही करके सम्बन्धित को उत्तर प्रेषित किया जाएगा। इसी प्रकार जनपद स्तरीय कंट्रोल एवं मानीटरिंग सेंटर से जनपद के समस्त परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी। जनपदीय कंट्रोल सेंटर को संचालित करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रशासनिक अधिकारी को तैनात किया गया है। नकल की संभावनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रश्नपत्रों को खोलने की कार्यवाही सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में की जाएगी तथा संकलन केंद्रों एवं स्ट्रांग रूम पर 24 घंटे निगरानी के लिए सशस्त्र बल एवं सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई है। 

पहली बार चार रंगों की होंगी उत्तरपुस्तिकाएं

वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के कवर पृष्ठ को बदलने अथवा उत्तर पुस्तिकाओं को बाहर से लिखी हुई अन्य उत्तर पुस्तिकाओं को बदलने की संभावनाओं आदि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सम्पूर्ण प्रदेश में क्रमांकित उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष पहली बार चार रंगों में उत्तर पुस्तिकाएं भी प्रयोग में लाई जाएंगी। इसी प्रकार संवेदनशील जिलों में सिली हुई उत्तर पुस्तिकाएं भी उपयोग की जाएंगी। व्यापक स्तर पर की गई सघन तैयारियों तथा निर्विघ्न परीक्षाएं सम्पन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन एवं शैक्षिक अधिकारियों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के प्रभावी कार्यान्वयन से निश्चित ही नकल की सम्भावनाओं पर अंकुश लगेगा और शुचिता व पारदर्शितापूर्ण परीक्षा सम्पन्न होगी।

परीक्षा का बदला पैटर्न

यूपी बोर्ड ने इस बार अपना प्रश्नपत्र का पैटर्न भी बदल दिया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कई विषयों में ‘खंड’ सिस्टम को खत्म कर दिया है। प्रश्नों के लंबी सीरीज को छोटा कर अंकों की संख्या बढ़ा दी है। इसके लिए परिषद ने मॉडल पेपर भी जारी किया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू है। विज्ञान विषय में तीन अंकों के सवालों के बढ़ाकर पांच अंकों के सवाल कर दिए गए हैं। छात्रों को प्रमुख विषय जैसे जीव विज्ञान में सिर्फ 9 सवाल, रसायन विज्ञान में 7 सवाल, भौतिक विज्ञान में सिर्फ 9 ही सवालों का जवाब देना होगा। बता दें कि रसायन विज्ञान में पहले 10 सवाल होते थे और अधिकतम नंबर तीन होते थे, जिन्हें बढ़ाकर पांच कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने इंटर विज्ञान व कला वर्ग के 40 मुख्य विषयों के मॉडल पेपर जिले को जारी कर दिए हैं। हालांकि हाईस्कूल के लिए दो ही मॉडल पेपर भेजे गए हैं। मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, पेपर में सवाल कम और नंबर ज्यादा होने से छात्रों को मनोवैज्ञानिक फायदा मिलेगा और उनका आत्मबल बढ़ेगा। 

परीक्षा परिणाम 24 अप्रैल को  

परीक्षार्थी अपनी परीक्षा की तैयारियों को विषयवार सुनियोजित तरीके से एवं समय सापेक्ष प्रारम्भ कर सकें, इस बिन्दु को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2019 की परीक्षाओं की समय-सारिणी बहुत पहले ही 17 सितम्बर, 2018 को ही घोषित की गई थी। इसी क्रम में लगभग 8 माह पूर्व वर्ष 2020 की परीक्षा की समय-सारिणी भी एक जुलाई, 2019 को घोषित कर दी गयी थी। पठन-पाठन पर ध्यान देने एवं शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन के लिए किए जा रहे सतत् प्रयासों के कारण विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में सुधार हो रहा है। मूल्यांकन की अवधि भी कम की गई है, ताकि परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित किए जा सकें। इससे परीक्षार्थियों को प्रदेश के बाहर प्रवेश/प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने के अवसर मिले हैं। वर्ष 2019 का परीक्षा परिणाम 27 अप्रैल, 2019 को घोषित किया गया था तथा 2020 की बोर्ड परीक्षा का परिणाम 24 अप्रैल को घोषित किया जाना प्रस्तावित है।

18-02-2020134624Challengeofc2

परीक्षा का तनाव लेने की जरूरत नहीं

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा छात्रों के लिए पहला अहम पड़ाव मानी जाती है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी को लेकर छात्रों को तनाव हो जाता है, लेकिन तनाव लेने बिल्कुल जरूरत नहीं है। दरअसल अभ्यास, मेहनत और लगन से परीक्षा की तैयारी की गई है तो सफलता जरूर मिलती है। विद्यार्थी यदि समय का उचित और सही प्रयोग कर लेते हैं तो कामयाबी की मंजिल हासिल करने में आसानी हो जाती है। परीक्षाओं के समय छात्रों को फालतू की बातों में ध्यान न देकर बेकार के काम जैसे सोशल साइटों पर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों के माता-पिता को भी परीक्षाओं के समय विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि बीता समय कभी वापस नहीं आता है। समय का सदुपयोग करें, अन्यथ बाद में पछताना बेकार होता है। विद्यार्थियों को परीक्षा के समय तनावमुक्त होकर पढ़ाई करनी चाहिए।

मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने कहा कि परीक्षार्थियों को पूर्ण आत्मविश्वास और मेहनत के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। बोर्ड परीक्षा कोई कठिन परीक्षा नहीं है, यह बस एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। अभिभावकों को इस समय घर में बच्चे को तैयारी के लिए अच्छा माहौल देना चाहिए। कोई ऐसी गतिविधि न करें, जिससे बच्चे का ध्यान बंटे। बच्चों पर टॉप करने आदि का दबाव नहीं बनाना चाहिए। 

शिक्षाविद् अरविंद पटेल ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य बहुमुखी विकास और अपने जीवन के लक्ष्य को पाना है। जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए परीक्षा प्रक्रिया से सभी को गुजरना पड़ता है। परीक्षा में सफल होने के लिए कोई जादुई छड़ी नहीं होती, बल्कि परिश्रम और लगन से ही यह प्राप्त होती है। सफलता के लिए दृढ़ निश्चय और पढ़ाई में रुचि होना आवश्यक है। यदि सुनियोजित तरीके से चलेंगे तो ज़्यादा अच्छे से समझ में आएगा, और समझ में आएगा तो ज़्यादा समय तक याद रहेगा, याद रहेगा तो फिर आसानी से लिख पाएंगे। सही लिखेंगे तो ही अच्छे अंक मिलेंगे।

इन महत्वपूर्ण बातों का रखें ध्यान

- महत्वपूर्ण अध्यायों, अति महत्वपूर्ण पंक्तियों को अवश्य रेखांकित करें।

- ब्रेक में चाहें तो संगीत सुनें, टीवी देखें या मनपसंद कोई भी कार्य करें।

- 6 से 8 घंटों की नींद भी अवश्य लें।

- अपनी क्षमता के अनुकूल लक्ष्य बनाएं।

- समय का नियोजन करके पढ़ाई करें।

- अपने मित्रों के साथ संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करें।

- पढ़ते समय बीच-बीच मे नियमित ब्रेक लेते रहें।

- अपने खाने का पूरा ध्यान रखें। फल, हरी सब्जियां और पानी भरपूर मात्रा में लें।

- शोरगुल से दूर शांत वातावरण में पढ़ाई करें।

- उन विषयों पर ज़्यादा ध्यान व समय दें, जिनमें आप कमजोर हैं।

- अपने सभी विषयों के पाठयक्रम को अच्छी तरह पढक़र समझ लें।

- पूरी ईमानदारी एवं दृढ़ता से लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करें।

सभी आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

Magzter पर न्‍यूज टाइम्‍स पोस्‍ट मैगजीन

Readwhere पर न्‍यूज टाइम्‍स पोस्‍ट मैगजीन

Web Title: Challenge of conducting mockless exams ( Hindi News From Newstimes)


अब पाइए अपने शहर लखनऊ की खबरे (Lucknow News in Hindi) सबसे पहले Newstimes वेबसाइट पर और रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें न्यूजटाइम्स की हिंदी न्यूज़ ऐप एंड्राइड (Hindi News App)

कमेंट करें

अपनी प्रतिक्रिया दें

आपकी प्रतिक्रिया