काशीवासियों से बोले पीएम मोदी, सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से बचने का उपाय


Abhimanyu Verma 25/03/2020 06:50
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Varanasi. देश में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लॉक डाउन का फैसला लिया गया है। मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉक डाउन का ऐलान किया। वहीं, पूरे देश को लॉक डाउन करने के बाद पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की जनता से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान पीएम ने वाराणसी के लोगों से अपील करते हुए कहा, 'हमें घर में ही रहना चाहिए, सोशल डिस्टेंसिंग बनानी चाहिए, एक दूसरे से दूर रहना चाहिए। अभी इस बीमारी से बचने का यही उपाय है।

Social distancing is the only way to avoid corona

वाराणसी की जनता से पीएम मोदी का संबोधन

पीएम मोदी ने कहा कि आज काबुल में गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले से मन काफी दुखी है। मैं इस हमले में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। आज देश जिस संकट के दौर से गुजर रहा है, उसमें हम सभी को मां शैलसुते के आशीर्वाद की बहुत आवश्यकता है। आज नवरात्रि का दिन है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री स्नेह, करुणा और ममता का स्वरूप हैं। उन्हें प्रकृति की देवी भी कहा जाता है।

काशी का सांसद होने के नाते मुझे ऐसे समय में आपके बीच होना चाहिए था। लेकिन आप यहां दिल्ली में जो गतिविधियां हो रही हैं, उससे भी परिचित हैं। यहां की व्यस्तता के बावजूद मैं वाराणसी के बारे में निरंतर अपने साथियों से अपडेट ले रहा हूं। महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, आज कोरोनी के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए। -महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण महारथी, सारथी थें, आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को जीतना है। इसमें काशीवासियों की बहुत बड़ी भूमिका है। 

कोरोना बीमारी के देखते हुए देशभर में व्यापक तैयारियां की जा रही है। सभी को इस समय घरों में रहना अति आवश्यक है। यही इस बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है। कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं। भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। हमें घर में ही रहना चाहिए, सोशल डिस्टेंसिंग बनानी चाहिए, एक दूसरे से दूर रहना चाहिए। अभी इस बीमारी से बचने का यही उपाय है। देश के सामान्य मानवी का मन सही समय पर सही काम करने और जरूरी कदम उठाने में बहुत विश्वास रखते हैं। आपने देखा होगा कि 22 मार्च को किस तरह पूरे देश ने जनता कर्फ्यू में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। फिर शाम के ठीक 5 बजे, 5 मिनट के लिए कैसे देश भर के लोग अभिवादन के लिए सामने आए। 

समाज के मन में इन सब के लिए आदर सम्मान का भाव होता ही है। डॉक्टर जिंदगी बचाते हैं और हम उनका ऋण कभी नहीं उतार सकते। जिन लोगों ने वुहान में रेस्क्यू ऑपेरेशन किया, मैंने उनको पत्र लिखा था, मेरे लिए वो पल बहुत भावुक थे। कुछ स्थानों से ऐसी घटनाओं की जानकारी भी मिली है, जिससे हृदय को चोट पहुंची है। मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि कहीं आपको डॉक्टर, नर्स या मेडिकल स्टाफ के साथ कोई बुरा बर्ताव होता दिख रहा हो तो आप वहां जाकर लोगों को समझाएं कि आप गलत कर रहे हैं। -संकट की इस घड़ी में, अस्पतालों में इस समय सफेद कपड़ों में दिख रहा हर व्यक्ति, ईश्वर का ही रूप है। आज यही हमें मृत्यु से बचा रहे हैं, अपने जीवन को खतरों में डालकर ये लोग हमारा जीवन बचा रहे हैं। हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए। 

कोरोना को जवाब देने का दूसरा एक ताकतवर तरीका है और वो है करुणा। कोरोना का जवाब करुणा से। हम गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाकर भी कोरोना को पराजित करने का एक कदम ये भी ले सकते हैं। कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। इसलिए, संकट के समय हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं। कोरोना को पराजित करने के लिए एक रणनीति के तहत, विशेषज्ञों से मिली राय के आधार पर ये कहा जा रहा है कि व्यक्ति एक दूसरे से उचित दूरी पर रहें। हम मानते हैं कि मनुष्य ईश्वर का ही अंश है। यही हमारी संस्कृति है। -अभी नवरात्र शुरु हुए हैं। अगर हम अगले 21 दिन तक, जिनके भी पास ये करने की शक्ति है, वो प्रतिदिन 9 गरीब परिवारों की मदद करने का प्रण लें। इतना भी हम कर लें तो मां की इससे बड़ी आराधना क्या हो सकती है। ये सच्चा और पक्का नवरात्र हो जाएगा। इसके अलावा पशुओं की भी रक्षा करनी है।

अगर मैं कहूं कि सब कुछ ठीक है, सब कुछ सही है, तो मैं मानता हूं कि ये खुद को भी धोखा देने वाली बात होगी। इस समय केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, जितना ज्यादा हो सके, जितना अच्छा हो सके, इसके लिए भरसक प्रयास कर रही हैं। ऐसे में जब देश के सामने इतना बड़ा संकट हो, पूरे विश्व के सामने इतनी बड़ी चुनौती हो, तब मुश्किलें नहीं आएंगी, सब कुछ अच्छा होगा, ये कहना अपने साथ धोखा करने जैसा होगा। जो तकलीफें आज हम उठा रहे हैं, जो मुश्किल आज हो रही है, उसकी उम्र फिलहाल 21 दिन ही है। लेकिन कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ, इसका फैलना नहीं रुका तो कितना ज्यादा नुकसान हो सकता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। निराशा फैलाने के हजारों कारण हो सकते हैं, लेकिन जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है। नागरिक के नाते कानून और प्रशासन को जितना ज्यादा सहयोग करेंगे, उतने ही बेहतर नतीजे निकलेंगे। हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रशासन पर कम से कम दबाव डालें, प्रशासन का सहयोग करें। अस्पताल में काम करने वाले, पुलिसकर्मी, सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले, हमारे मीडियाकर्मी इन सभी का हमें हौसला बढ़ाना चाहिए। 

Social distancing is the only way to avoid corona

कोरोना के संक्रमण का इलाज अपने स्तर पर बिल्कुल नहीं करना है, घर में रहना है और जो करना है डॉक्टरों की सलाह से ही करना है। फोन पर अपने डॉक्टर से बात कीजिए और अपनी तकलीफ बताइए। अभी तक कोरोना के खिलाफ कोई भी दवाई, कोई भी वेक्सीन पूरी दुनिया में नहीं बनी है। इस पर हमारे देश में भी और दूसरे देशों में भी काम तेज़ी से चल रहा है। आपने खबरों में भी देखा होगा कि दुनिया के कुछ देशों में अपनी मर्जी से दवाएं लेने के कारण कैसे जीवन संकट में पड़ रहे हैं। हम सभी को हर तरह के अंधविश्वास से, अफवाह से बचना है। आपदा बहुत बड़ी है, लेकिन आपदा को अवसर में बदलना ही मानव जीवन की विशेषता है। इन दिनों सोशल मीडिया में आप लॉकडाउन का एक और प्रभाव देखने को मिल रहा है। बहुत से लोग सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से विस्तार से बता रहे हैं कि कैसे वे अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिता रहे हैं।

आप सभी ने देखा होगा कि मानवजाति कैसे इस संकट से जीतने के लिए एक साथ आ गई है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा रही है हमारी बाल सेना। मैंने ऐसे वीडिया भी देखे जिसमें 4-5 साल के बच्चे अपने परिजनों को जागरूक कर रहे हैं। कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो शेयर की है। पूरे देश से हजारों प्रबुद्ध नागरिकों ने इस महामारी से निपटने के लिए सख्ती से लॉकलाउन लागू कराने की अपील की है। जब हमारे देशवासियों में ये दृढ़ इच्छा शक्ति हो, तो मुझे विश्वास है कि देश इस महामारी को जरूर हराएगा। मैं NaMO app पर आप सबके सुझाव और feedback भी निरंतर पढ़ रहा हूं। देश के अलग-अलग हिस्सों में, अलग-अलग लोगों ने अपने तरीके से सुझाव दिए हैं कि लॉकडाउन को सख्ती के साथ और लंबे समय तक लागू किया जाए। -कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने WhatsApp के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। अगर आपके पास WhatsApp की सुविधा है तो आप इस नंबर 9013151515 पर 'नमस्ते' खिलकर भेजेंगे तो आपको उचित जवाब मिलना शुरू हो जाएगा।

Web Title: Social distancing is the only way to avoid corona ( Hindi News From Newstimes)


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