कोरोना से और बिगड़ते जा रहे हालात
कोरोना से और बिगड़ते जा रहे हालात

--शिव प्रसाद सिंह 

-विश्व स्वास्थ्य संगठन ने किया आगाह-पहले जैसी स्थिति बन पानी मुश्किल  

-संयुक्त राष्ट्र ने चेताया-13 करोड़ लोग और हो सकते हैं भुखमरी के शिकार  

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के प्रमुख टेड्रोस एडहेनम गेब्रेयेसस (Tedros Adenham Gebreyes) ने आगाह किया है कि वैश्विक स्तर पर कोविड-19 महामारी (Covid-19 Epidemic) की स्थिति खराब हो रही है और कुछ समय तक चीजें पहले की तरह सामान्य नहीं हो पाएंगी। गेब्रेयेसस (Gebreyes) ने सोमवार को लंदन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 'निकट भविष्य में पहले की तरह चीजें सामान्य नहीं हो पाएगी। वहीं, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने चेताया है कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) इस साल करीब 13 करोड़ और लोगों को भुखमरी (Starvation) की ओर धकेल सकती है।

डब्ल्यूएचओ (WHO) के प्रमुख ने कहा कि खासकर यूरोप (Europe) और एशिया (Asia) के कई देशों में महामारी पर काबू पाया गया है, लेकिन कुछ अन्य देशों में संक्रमण का रुझान गलत दिशा में बढ़ रहा है। गेब्रेयेसस (Tedros Adenham Gebreyes) ने कई देशों में संक्रमण के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए देशों से समग्र रणनीति लागू करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि संक्रमण के नए मामलों में से तकरीबन आधे अमेरिका से आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ (WHO) प्रमुख ने कहा कि महामारी के आगोश से निकलने के लिए एक खाका तैयार था और संक्रमण के ज्यादा मामले वाले क्षेत्रों में भी इसे लागू करने में अब भी देर नहीं हुई है।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने चेताया है कि कोरोना वायरस महामारी (Corona virus epidemic) इस साल करीब 13 करोड़ और लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकती है। विश्व में भुखमरी के कगार पर पहुंचे लोगों की संख्या पिछले साल करीब एक करोड़ बढ़ गई थी। यह गंभीर आकलन विश्व में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण की स्थिति के मद्देनजर हालिया रिपोर्ट में सामने आया है। इसे तैयार करने वाली यूएन की पांच एजेंसियों की ओर से इस वार्षिक रिपोर्ट को सोमवार को जारी किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में उपलब्ध विश्व के आर्थिक परिदृश्य पर आधारित ये प्रारंभिक अनुमान हैं कि 'महामारी के कारण वर्ष 2020 में कुपोषण की तालिका में 8.3 करोड़ से 13.2 करोड़ अतिरिक्त लोग जुड़ सकते हैं। यूएन एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, पिछले साल करीब 69 करोड़ लोग भुखमरी की जद में रहे, जो कि पूरी दुनिया की आबादी का करीब नौ प्रतिशत है। वर्ष 2018 से इस संख्या में करीब एक करोड़, जबकि वर्ष 2014 से करीब छह करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दशकों तक लगातार गिरावट के बाद वर्ष 2014 से भुखमरी के आकंड़ों में 'धीरे-धीरे बढ़ोतरी होनी शुरू हुई जो कि अब तक जारी है।