कोरोना के बढ़ते ग्राफ को देखकर जुलाई और अगस्त के महीने में कोरोना के चरम पर होने की आशंका जताई जा रही है। कोरोना संकट से निपटने के लिए आगरा ने कमर कस ली है।
जुलाई - अगस्त में जिले में तेजी से बढ़ेगा कोरोना का ग्राफ, निपटने के लिए ताजनगरी ने कसी कमर

Agra. कोरोना  के बढ़ते ग्राफ को देखकर जुलाई और अगस्त के महीने में कोरोना के चरम पर होने की आशंका जताई जा रही है। कोरोना संकट से निपटने के लिए आगरा ने कमर कस ली है। अस्पताल और जिला प्रशासन (Hospital and District Administration) कोरोना संकट (Corona crisis)  से निपटने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। 

माना जा रहा है कि जुलाई में बारिश के चलते कोरोना संक्रमण (Corona crisis)  के मामलों में तेजी से इजाफा होगा। फिलहाल जिले में कोरोना की स्थिति सामान्य है। रोज औसतन 15 से कम मरीज मिल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) भी इसके लिए आगाह कर चुका है। 

जांच किट खरीद की प्रकिया शुरू

कोरोना संकट (Corona crisis) से निपटने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में रोज 25 हजार से अधिक नमूनों की जांच होगी। शासन ने कोरोना से निपटने के लिए 1.40 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार की तरफ से बजट मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने किट की खरीदीरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बजट के करीब एक महीने की जांच का स्टाक हो जाएगा। इतना ही नहीं जांच किट के साथ साथ अस्पताल में बेड के भी इंतजाम किए जा रहे हैं। 

एसएन अस्पताल की सुविधाएं

- रोजाना 800 नमूनों की जांच की है क्षमता।

- ट्रूनेट मशीन से इमरजेंसी मरीजों की दो घंटे में जांच रिपोर्ट।

- 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड, 13 वेंटिलेटर वाला आईसीयू।

- संक्रमित मरीजों के लिए ऑपरेशन थिएटर, प्रसव कक्ष, डायलिसिस सेंटर।