नेपाल में जनकपुर धाम स्थित जानकी मन्दिर के महंत रामतपेश्वर दास वैष्णव ने वहां के प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा भगवान राम के जन्म स्थान के संबंध दिए गए विवादास्पद बयान का विरोध किया है।
जानकी मंदिर के महंत ने ओली के बयान का विरोध किया

-- शिव प्रसाद सिंह 

नेपाल में जनकपुर धाम स्थित जानकी मन्दिर के महंत रामतपेश्वर दास वैष्णव ने वहां के प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा भगवान राम के जन्म स्थान के संबंध दिए गए विवादास्पद बयान का विरोध किया है। वैष्णव ने कहा कि व्यक्ति विशेष के चाहने से सामाजिक, सांस्कृतिक और मौलिक परम्परा बदल नहीं जाती है।

वैष्णव ने प्रधानमन्त्री ओली का नाम तो नहीं लिया, पर उनके तरफ ही इशारा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति विशेष के चाहने से सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मौलिक परम्परा के इतिहास के ऊपर हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है । सांस्कतिक तथा धार्मिक परम्परा के अनुसार ही सीता का घर जनकपुर और राम का घर भारत का अयोध्या है ।

प्रधानमन्त्री ओली ने कुछ हफ्ते पहले दावे के साथ कहा था कि राम का जन्म पर्सा के ठोरी अयोध्यापुरी में हुआ है । जिस पर बहुत ही टीक टिप्पणी हुई थी । प्रधानमन्त्री ओली की इस टिप्पणी से हिन्दू धर्मावलम्बी तथा साधु- सन्तों में बहुत रोष था। इसी पांच अगस्त को भारत के अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास में जनकपुर के जानकी मन्दिर से विशेष प्रकार का ईंट ले जाने की तैयारी हो रही है ।

बैष्णव ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि प्रधानमन्त्री ओली की आलोचना के नाम में धर्म संस्कृति विरुद्ध गलत सन्देश प्रसारित हो रहा है जिसके प्रति सजग रहे । उन्होंने बताया कि जनकपुरधाम–अयोध्या के प्रगाढ़ सम्बन्ध का इतिहास किसी के मिटाने से नहीं मिट सकता है । उन्होंने दावा किया कि कोई भी कुछ कर लें परन्तु अध्यात्म की रक्षा के सम्बन्ध में हमारे बीच अटूट सम्बन्ध है ।

भारत के उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण होने जा रहा है जिस खुशी में वैष्णव ने सम्पूर्ण जनकपुरधाम वासी से पांच अगस्त अर्थात श्रावण २१ गते को दीपावली मनाने के लिए विशेष आग्रह किया है ।उस दिन राम स्तुति तथा भजन-कीर्तन करने के लिए भी सभी से आह्वान किया है ।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अयोध्या में राममन्दिर शिलान्यास तथा भूमी पूजन के अवसर पर जानकी मन्दिर का प्रतिनिधि सहभागी नहीं हो पाएगा परन्तु हम अवधवासियों  को ढेर सारी शुभकामना दे रहे हैं । महामारी सामान्य होने के बाद मिथिला अवध यात्रा निकलेगी और जनकपुर से विशेष ईंट राम मन्दिर निर्माण में पहुंचाई जाएगी ।