उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राज शेखर की निर्देश पर क्षेत्रीय कार्यशाला के कर्मचारियों की ओर से सूती कपड़े का थ्री प्लाई मास्क बनाया जा रहा है, जिसे धुलाई करने के बाद दोबारा प्रयोग कर सकते हैं।
परिवहन निगम के कर्मचारियों ने बनाया थ्री प्लाई मास्क

Lucknow. कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से सुरक्षा के दृृष्टिगत उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से अधिकारियों, कर्मचारियों के अतिरिक्त प्रत्येक बस के चालक और परिचालक को ड्यूटी के दौरान मास्क, जैकेट, कैप्स, ग्लब्स एवं सेनेटाइजर की व्यवस्था नियमित रूप से करायी जा रही है। इसके अलावा बसों को नियमित रूप से सेनेटाइज कराया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राज शेखर की निर्देश पर क्षेत्रीय कार्यशाला के कर्मचारियों की ओर से सूती कपड़े का थ्री प्लाई मास्क बनाया जा रहा है, जिसे धुलाई करने के बाद दोबारा प्रयोग कर सकते हैं। मास्क के अलावा जैकेट भी कार्यशाला द्वारा तैयार कराई जाएगी ताकि संचालन से जुड़े परिवहन निगम के कार्मिकों को कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षित किया जा सके। 

डाॅ. राज शेखर ने प्रथम चरण में लखनऊ क्षेत्र की क्षेत्रीय कार्यशाला की भांति प्रदेश की समस्त क्षेत्रीय कार्यशालाओं में सूती कपड़ा क्रय कर थ्री प्लाई मास्क तैयार कराए जाने के अलावा जैकेट भी तैयार कर अपने क्षेत्र के डिपोज के संचालन से जुडे़ कार्मिकों को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

बता दें  कि वर्तमान में रि-यूजेबल मास्क बाजार में 10 रुपए से लेकर 20 रुपए तक एवं सिंगल यूज मास्क दो रुपए से लेकर 12 रुपए तक की कीमत में उपलब्ध हैं, जबकि क्षेत्रीय कार्यशाला से मास्क बनवाए जाने में लगभग नौ रूपये प्रति मास्क की लागत आ रही है। चूंकि परिवहन निगम के प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यशाला में अपहोस्टर संवर्ग के कार्मिक उपलब्ध हैं, जिनके सहयोग से निगम में ही मास्क बनवाये जाने के फलस्वरूप परिवहन निगम को लाखों रुपए की बचत सम्भावित है। इसके साथ ही साथ निगम अच्छी गुणवत्ता एवं निर्धारित डिजाइन भी निर्धारित कर सकेगा। 

इसी क्रम में प्रबन्ध निदेशक डाॅ. राज शेखर ने मुख्य प्रधान प्रबन्धक (संचा.), मुख्य प्रधान प्रबन्धक (प्रावि.) क्षेत्रीय प्रबन्धक, लखनऊ एवं सेवा प्रबन्धक, लखनऊ क्षेत्र की एक कमेटी गठित की है, जो कोविड-19 की सुरक्षा की दृृष्टि से मास्क के अतिरिक्त जैकेट, एवं सेनेटाईजर तैयार किए जाने का कार्य कानपुर स्थित उत्तर प्रदेश निगम की केन्द्रीय कार्यशाला एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया कार्यशाला से कराये जाने के सम्बन्ध में औपचारिकताओं एवं आवश्यक संशाधनों का अध्ययन कर एक सप्ताह के अन्दर विस्तृृत रिपोर्ट मुख्यालय प्रस्तुत करेगें, जिसके आधार पर तदनुसार निर्णय लिया जाएगा।