लद्दाख में चीन सीमा से लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय सेना चीन की हर कुटिल चाल का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।
लद्दाख में सेना को ‘विंटर डीजल’ की आपूर्ति का क्या है संकेत

-- अरविंद पांडे

लद्दाख में चीन सीमा से लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय सेना चीन की हर कुटिल चाल का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। भारतीय सेना जिस तरह मुस्तैद है और वह जिस तरह की तैयारी कर रही है, उससे साफ संकेत मिल रहा है कि वह कुछ बड़ा करने की फिराक में है। बताया जा रहा है कि दुश्मन को घेरने के लिए भारतीय सेना के पास पूरा खाका तैयार है। सीमा पर चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच खबर है कि इस बार ठंड के मौसम में भारतीय सेना को ‘विंटर डीजल’ की आपूर्ति की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनी ‘इंडियन ऑयल’ जल्द ही लद्दाख में सेना को ‘विंटर डीजल’ मुहैया कराएगी। 

उल्लेखनीय है कि इसखास डीजल का इस्तेमाल ऐसे इलाकों में किया जाता है, जहां तापमान शून्य से नीचे हो। ठंड केमौसम में लद्दाख का तापमान ‘माइनस 30’ डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। लद्दाख में तापमान की गिरावटके साथ सर्दियों में यहां सामान्य डीजल जम जाता है। ऐसे में गाडिय़ों को चलाने में परेशानी होती है। यहां के लोग कई बार इस चुनौती से पार पाने के लिए डीजल मेंकेरोसिन मिलाकर इस्तेमाल करते हैं। पिछले साल नवंबर में केंद्रीय गृह मंत्री अमितशाह ने लद्दाख क्षेत्र के लिए पहले ‘विंटर ग्रेड डीजल बिक्री केन्द्र’ का शुभारंभ किया था।

इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अब डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस ने भी सेना को ‘विंटर डीजल’ के इस्तेमाल के लिए हरी झंडी दे दी है। ज्ञातव्य है कि इन दिनों आईओसीएल और अन्य तेल विपणन कंपनियां भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड इन क्षेत्रों में सेना के लिए विषेष डीजल की सप्लाई करती हैं। इस डीजल में हाईसल्फर पौर पॉइंट होता है। इस वजह से इसका इस्तेमाल -30 डिग्री सेल्सियस तक किया जा सकता है। अबइस साल ठंड में सेना को ‘विंटर डीजल’ दी जाएगी।

भारत-चीन सीमा पर जोमौजूदा हालात हैं, उन्हें देखते हुए ‘विंटर डीजल’ की मांग भी ज्यादा रह सकती है। ‘विंटर डीजल’ को कम चिपचिपाहट बनाएरखने के लिए उसमें एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। इस खास डीजल में लगभग पांचप्रतिशत बायोडीजल का मिश्रण भी किया जाता है। साथ ही इसमें सल्फर की मात्रा भी कमरहती है, जोवाहन के इंजन को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करती है। ऐसे में यह विशेष डीजल -33 डिग्री सेल्सियस परनहीं जमता है और इसका उस तापमान पर भी वहां इसका इस्तेमाल किया जाता है।