मण्डलीय पेंशन अदालत में 31 में से 25 प्रकरण निस्तारित
मण्डलीय पेंशन अदालत में 31 में से 25 प्रकरण निस्तारित

Lucknow. मण्डलायुक्त मुकेश मेश्राम ने कहा कि पेंशन के मामले अति संवेदनशील होते हैं, इससे सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की रोजमर्रा की जिन्दगी जुड़ी होती है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि सेवानैवृत्तिक लाभों की देयता समय से सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंशन प्रकरणों के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार पेंशन प्रपत्र तैयार कराकर स्वीकृति की कार्यवाही की जानी चाहिए।  

मण्डलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम की अध्यक्षता में 60वीं मण्डलीय पेंशन अदालत का आयोजन  किया गया, जिसमें कुल 30 प्रकरण प्रस्तुत किये गये, जिनमें से 25 प्रकरणों का निस्तारण शिकायतकर्ता की सहमति के आधार पर किया गया। शेष 05 प्रकरणों के निस्तारण के लिए सम्बन्धित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए कि प्रकरणों की आवश्यक कार्यवाही पूरी कर शीध्र उनका निस्तारण कराया जाए। मण्डलायुक्त ने कहा कि पेंशन के मामलों के निस्तारण में लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पेंशन एवं सेवानैवृत्तिक देयों का समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर अपर निदेशक पेंशन एवं कोषागार इन्द्रजीत विश्वकर्मा ने बताया कि लम्बित प्रकरणों को निस्तारित कर अगली पेंशन अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को दिये हैं। अपर निदेशक पेंशन एवं कोषागार ने बताया कि पेंशन अदालत में 01 पुराना प्रकरण भी प्रस्तुत किया गया जिसका निस्तारण भी कर दिया गया। 

इस अवसर पर अपर निदेशक पेंशन अशोक कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक मदन राजा मौर्य, सहायक लेखाधिकारी अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण एवं सेवानिवृत्त कार्मिक उपस्थित थे।

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