पूरा देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में देश के पीएम मोदी ने देश की जनता को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए 'हर घर, नल से जल योजना' की पहल की है।
राज्य के हर घर को मिलेगा साफ पानी, PM के नेतृत्व में CM शुरू करेंगे यह योजना

Lucknow. पूरा देश इस समय कोरोना महामारी(Corona epidemic)  से जूझ रहा है। ऐसे में देश के पीएम मोदी (PM Modi) ने देश की जनता को साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए  'हर घर, नल से जल योजना' की पहल की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंगलवार यानी कि 30 जून को बुंदेलखंद से 'हर घर, नल से जल योजना' की शुरुआत करेंगे।  बुंदेलखंड, विंध्याचल  इलाकों में यह योजना मुख्य रुप से प्रभावी होगी। इस अभियान को मुख्य रुप से चार चरणों में चलाए जाने की  बात चल रही है। 

इस अभियान को जमीन पर लाने के लिए पहले कई  कदम उठाए जाएंगे। कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार किया जाएगा। इस अभियान के तहत उन क्षेत्रों में पहले काम किया जाएगा जहां पर पीने के पानी की बहुत समस्या है। जहां पर पानी से होने वाली बीमारियां अपने पैर पसार रही हैं। जलशक्ति विभाग (Water power department)  के अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान में 15,000 करोड़ का खर्चा आएगा। इस अभियान का मकसद अगले दो सालों में पहले चरण में बुंदेलखंड (Bundelkhand)  और विंध्याचल के हर घर में पानी की व्यवस्था की जाएगी। इस अभियान के तहत सर्फेस वाटर और भूजल से हर घर में पानी पहुंचाया जाएगा। 

इस योजना की शुरुआत से पहले एक बैठक का आयोजन किया गया जिस मीटिंग में योगी के साथ -साथ जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। इस बैठक में कुछ अहम फैसले लिए गए। इन फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला "हर घर नल से जल" योजना में जो संस्था काम करेगी अगले 10 सालों में पानी की सप्लाई से लेकर रख रखाव तक की सभी जिम्मेदारी उसी की होगी। 

योजना का दूसरा चरण सोनभद्र और मिर्जापुर (Sonbhadra and Mirzapur)  के हर घर तक पानी पहुंचाना होगा। तीसरे चरण में गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती व देवरिया शामिल हैं जो इंसेफलाइटिस से काफी प्रभावित हैं। इस अभियान का आखिरी चरण गंगा - यमुना के तटवर्ती इलाकों में पेयजल उपलब्ध कराएगा। यह इलाके मुख्य रुप से आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित हैं। 

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