मुंबई पुलिस (Mumbai Police) और बिहार पुलिस (Bihar police) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को सुशांत सिंह राजपूत मामले में केस दर्ज किया है।
SSR Case : रिया चक्रवर्ती की बढ़ी मुसीबतें, अब ईडी ने भी दर्ज किया केस

Mumbai. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले में अब एक नया मोड़ आया है। मुंबई पुलिस (Mumbai Police) और बिहार पुलिस (Bihar police) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को इस मामले में केस दर्ज किया है। ईडी ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती (Riya Chakraborty) और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग (Money laundering) का केस दर्ज किया है। साथ ही ईडी ने बिहार पुलिस (Bihar Police) से सुशांत (Sushant) के पिता की ओर से दर्ज एफआईआर (FIR) की कॉपी भी मांगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी (ED) ने सुशांत मामले में 15 करोड़ रुपए की लेन-देन संदिग्ध होने पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने यह केस सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह (Krishan Kumar Singh) की ओर से 25 जुलाई को पटना में दर्ज कराई गयी एफआईआर (FIR) के आधार पर दर्ज किया है। सुशांत के पिता की ओर से दर्ज एफआईआर (FIR) में रिया चक्रवर्ती (Riya Chakraborty) और उनके पांच अन्य रिश्तेदारों पर 15 करोड़ की हेराफेरी और सुशांत को दवा की ज्यादा खुराक देने का आरोप लगाया गया था।  

आरोप है कि रिया ने फिल्मों में अपना कैरियर बनाने के इरादे से 2019 में सुशांत से दोस्ती की थी और उस समय सुशांत के बैंक खाते में 17 करोड़ रुपए थे, लेकिन कुछ ही महीने में वो रुपए दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए जो सुशांत से संबंधित नहीं थे। इसके अलावा सुशांत के क्रेडिट कार्ड (Credit card) और पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। ईडी (ED) की ओर से बताया गया है कि उसकी जांच पैसे से ही जुड़ी रहेगी। जांच की जाएगी कि कहीं उन पैसों का ब्लैक मार्केटिंग तो नहीं किया गया। जांच में दोषी पाए जाने पर एजेंसी के पास पीएमएलए (PMLA) के तहत दोषियों को गिरफ्तार करने और उनकी सम्पत्ति कुर्क करने का भी अधिकार है।

पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उठाये सवाल

वहीं, महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुखमंत्री देवेंद्र फणडवीस (Devendra fadnavis)ने भी इस मामले में सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को उन्होंने ट्वीट करके कहा कि अभिनेता के साथ बहुत से लोगो की भावनाएं जुडी हुई है। जिसको देखते हुए इस केस को सीबीआई को सौंप देना चाहिए , लेकिन अगर सरकार यह नहीं कर रही है तो कम से कम इस मामले में ईडी से मनी लांड्रिंग और मनी ट्रोलिंग की जांच करा ले।