देश में कोरोना वायरस (Corona virus) मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अस्पताल में कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमित मरीज से बातचीत न होने के कारण सभी परिवारीजन परेशान हैं।
अस्पताल ने शुरू की नई पहल, अब कोरोना संक्रमित मरीज से भी ऐसे मिल सकेंगे

New Delhi. देश में कोरोना वायरस (Corona virus) मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अस्पताल में कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमित मरीज से बातचीत न होने के कारण सभी परिवारीजन परेशान हैं। इसे लेकर दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में लोगों ने काफी हंगामा भी किया। हालांकि लोगों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल ने एक नई पहल शुरू की है। अब वीडियो कॉल की मदद से तीमारदार मरीजों से बात कर सकेंगे।

अस्पताल में वीडियो कॉल की शुरुआत

अस्पताल में वीडियो कॉल (video call) के माध्यम से कई ऐसे लोगों को सहारा मिला है,  जो अपने परिवार के लोगों से लंबे वक्त से मिल नहीं पा रहे थे। फातिमा ऐसी ही एक खुशनसीब मां हैं। दरियागंज में रहने वाली फातिमा अपने बेटे अजहर से मिलने के लिए लोकनायक अस्पताल आईं थीं, जहां आकर उन्हें पता चला कि वह अब अपने बेटे से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर सकेंगी। 

अस्पताल से मिली इस सुविधा को सुनकर उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। वह सीधे हेल्पडेस्क की ओर दौड़ पड़ीं। वहां पहुंचकर कुछ ही समय के बाद उनका नंबर आ गया है, जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की। बता दें कि उनका बेटा अजहर महज 15 साल का है, जो लोकनायक अस्पताल (Loknayak Hospital) के आईसीयू में भर्ती है। 

वीडियो कॉल से खुशी की लहर

बाहर आने के बाद फातिमा ने बताया कि उनका बेटा बीते कई दिन से यहां भर्ती है। उन्हें नहीं पता कि वह कोरोना संक्रमित कैसे हुआ? बता दें कि फातिमा जैसी कई मां और परिवार इन दिनों हेल्पडेस्क पर आकर न सिर्फ मरीज को देख-सुन और बात कर पा रहे हैं, बल्कि कोरोना संक्रमण से लडने में हिम्मत भी जुटा पा रहे हैं। 

अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) डॉ. रीतू सक्सेना ने बताया कि अभी कोरोना संक्रमण मरीजों को उनके परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा था। लेकिन अस्पताल की इस नई पहल से लोगों के अंदर खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। लोगों की भावना को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन(Hospital administration)  ने इस नई मुहिम की शुरुआत की।  

यह प्रयोग जब किया तो इसका तेजी से असर देखने को मिला। वार्ड में मरीज और बाहर तीमारदार दोनों ही पैनिक होना बंद हुए। उन्होंने कहा कि यह काफी अच्छा मॉडल है इसे बाकी कोविड अस्पतालों में भी लागू होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अब दिनभर हेल्पडेस्क में अंदर तीमारदार आकर अपने सदस्य से बात करते हैं। 

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