कांग्रेस (Congress party) पार्टी में लंबे अरसे से गांधी नेहरू परिवार (Gandhi Nehru family) से बाहर के एक स्थाई अध्यक्ष की मांग होती रही है।
इन वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, स्थायी समिति सहित कई बड़ी मांग की

New Delhi. कांग्रेस (Congress party) पार्टी में लंबे अरसे से गांधी नेहरू परिवार (Gandhi Nehru family) से बाहर के एक स्थाई अध्यक्ष की मांग होती रही है। अब इस मांग को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता ही आवाज बुलंद करने लगे हैं। वरिष्ठ नेता कई राज्यों में विधायकों के बगावत को लेकर चिंतित हैं। वहीं, इसके लिए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress President Sonia Gandhi) के एक्टिव न रहने की वजह से पार्टी को हुए नुकसान और फजीहत को लेकर बड़े बदलाव की मांग कर डाली है।

उन्हाेंने कहा कि बीजेपी (BJP) लगातार आगे बढ़ रही है और 2019 के लोकसभा चुनाव में युवाओं (Youths) ने खुलकर बीजेपी को वोट दिया है। इसके अलावा चिट्ठी में कहा गया है कि युवाओं का कांग्रेस से विश्वास कम हो रहा है। ऐसे में कांग्रेस के आधार को मजबूत करने के लिए नेतृत्व से लेकर बड़े बदलाव की जरूरत है। 

इन वरिष्ठ नेताओं ने मांग की है कि केन्द्रीय नेतृत्व स्थाई हो, जो जमीन पर सक्रिय नजर आए और इसका परिणाम सार्थक रूप में दिखे। इसके अलावा मांग की कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव कराए जाएं। वहीं पार्टी में पुन: जोश भरने के लिए इंस्टीट्यूशनल लीडरशिप मैकेनिज्म तुरन्त लागू किया जाए। इसके लिए कल यानि सोमवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक सुबह 11 बजे से रखी गई है। जिसमें इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो सकती है।

कांग्रेस पार्टी में ये मांग करने वाले वरिष्ठ नेताओं में गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, शशि थरूर, जितिन प्रसाद, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राजिंदर कौर भट्ठल, विवेक तनखा, मुकुल वासनिक, एम वीरप्पा मोइली, पृथ्वीराज चव्हाण, पीजे कुरियन, अजय सिंह, मिलिंद देवड़ा, राज बब्बर, रेणुका चौधरी, अरविंद सिंह लवली, अखिलेश प्रताप सिंह, कौल सिंह ठाकुर, कुलदीप शर्मा, योगेंद्र शास्त्री, और संदीप दीक्षित ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर फेरबदल की मांग की है।

बता दें कि अभी दो दिन पहले ही कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep surjewala) ने कहा कि पार्टी के सभी नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं। हालाकि 2019 का चुनाव हारने के बाद से ही अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। तब सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को एक वर्ष के लिए कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

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