बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीखों काऐलान अभी भले ही न किया गया हो, लेकिन प्रदेश में राजनीतिक दलों (Politicals Parties) ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बिहार में खड़ा हुआ तीसरा मोर्चा, आरजेडी-कांग्रेस की बढ़ी मुसीबत

Patna. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीखों का ऐलान अभी भले ही न किया गया हो, लेकिन प्रदेश में राजनीतिक दलों (Politicals Parties) ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। इसी बीच महागठबंधन (GrandAlliance) में खींचतान की खबरें भी सुर्खियों में बनी हुई है। वहीं, प्रदेश में तीसरे मोर्चे का गठन कर दिया गया है। इसका ऐलान पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा (formerCentral Minister YashYashwant Sinha) ने शनिवार को किया। जिसके बाद विपक्षी महागठबंधन की मुसीबतें और भी बढ़ने वाली हैं।

राजधानी पटना में मीडिया से बातचीत में यशवंत सिन्हा (YashYashwant Sinha) ने बताया कि प्रदेश की बदहाल स्थिति को देखते हुए वे तीसरे मोर्चे का गठन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा प्रदेश में एनडीए औरमहागठबंधन (Grand Alliance) का विकल्प बनेगा। हम बिहार का गौरव फिर से स्थापित करने के लिए आ रहे हैं। कई दिनों से अपने कुछ साथी नेताओं व बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर उन्होंने यह किया कि हम बिहार के विकास व उसके गौरव के लिए आगे आयेंगे।

इसके साथ ही सिन्हा ने विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) लड़ने का ऐलान किया और कहा कि हम आने वाले चुनाव में मिलकरलड़ेंगे। प्रदेश की हालत को बदलने व बेहतर बनाने में सरकार की भूमिका होती है। वर्तमान बदहाली के लिए सरकार जिम्मेदार है और हम मिलकर इसे हटायेंगे।

बिहार के चुनावीदंगल में कूदी जेएमएम

झारखंड मुक्तिमोर्चा (JMM) बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Chunav 2020) में जुट गयी है। झारखंड की सत्ताधारी पार्टी जे.एम.एम ने बिहार चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। साथ ही उसने महागठबंधन की 12 सीटों पर दावा ठोका है। 

पार्टी के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य (Supriyo Bhattacharya) ने कहा कि वह झारखंड में महागठबंधन के पार्टनर हैं, यहां आरजेडी (RJD) का एक  विधायक है औरउनको हमने सम्मान के साथ मंत्री पद दिया है। उन्हें उम्मीद है कि बिहार में उन्हेंभी सम्मानजनक सीट दी जाए।