कोरोना के चलते ऑस्ट्रेलिया (Australia) में होने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup) के रद्द होने के बाद आईपीएल का आयोजन 19 सितंबर से 8 नवंबर बीच करवाने का फैसला लिया गया है।
दूसरे टूर्नामेंट्स पर क्यों भारी पड़ा आईपीएल! जानिए वजह

Lucknow. दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण क्रिकेट (Cricket) समेत कई खेल आयोजनों को स्थगित करना पड़ा है। इनमें क्रिकेट की सबसे चर्चित लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) भी शामिल थी, जिसका आयोजन 29 मार्च से 15 अप्रैल के बीच होना था। लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप के कारण आईपीएल को अगले साल तक स्थगित करने संभावना दिखने लगी। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आईपीएल के आयोजन को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी। वह लगातार आईपीएल के आयोजन की कोशिश में जुटे रहे और आखिरकार उनकी कोशिश कामयाब रही। दरअसल, कोरोना के चलते ऑस्ट्रेलिया (Australia) में होने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup) के रद्द होने के बाद आईपीएल का आयोजन 19 सितंबर से 8 नवंबर बीच करवाने का फैसला लिया गया है। बीसीसीआई (BCCI) ने इस बार आईपीएल का आयोजन भारत में न कराकर यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में कराने का फैसला किया है, जिसको लेकर यूएई की ओर से भी मंजूरी मिल गई है।

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप रद्द होने से साफ हुआ रास्ता

कोरोना की महामारी के चलते मार्च में आईपीएल के स्थगित होने के बाद बीसीसीआई की ओर से वेट एंड वॉच की बात कही थी। इसी बीच कयास लगाए जाने लगे कि बीसीसीआई (BCCI) आईपीएल (IPL) का आयोजन साल के अंत में स्थितियां काबू पर करवा सकती है, लेकिन साल के अंत में 18 अक्तूबर से 15 नवंबर के बीच ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप का किया जाना था। जिसको देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) की यह योजना संभव नहीं दिखायी पड़ रही थी। ऐसे में बीसीसीआई के पास इंतजार करने अलावा कोई और दूसरा रास्ता नहीं था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया (Australia) की क्रिकेट बोर्ड आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के आयोजन को लेकर तैयारी में जुटा हुआ था। हालांकि आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup) के आयोजन को लेकर कोई फैसला नहीं ले पा रहा था।

इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से सभी बोर्डों की राय और परिस्थितियों को देखते हुए फैसला लिए जाने की बात कही गयी। आईसीसी (ICC) ने दो महीने से अधिक समय तक विभिन्न आपात योजनाओं पर चर्चा के बाद 20 जुलाई को टी-20 वर्ल्ड कप को स्थगित कर दिया था। वहीं, आईसीसी के फैसले का स्वागत करते हुए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि वह कोविड-19 महामारी (COVID-19) के कारण इस साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को स्थगित करने के आईसीसी के फैसले को स्वीकार करता है। मौजूदा माहौल में 16 टीमों की मेजबानी करने में काफी जोखिम था। इस तरह से बीसीसीआई के लिए आईपीएल के आयोजन का रास्ता साफ हो गया।

पाकिस्तान को लगी मिर्ची

आईसीसी (ICC) की ओर से पहले एशिया कप और फिर टी-20 वर्ल्ड कप को रद्द करने से आईपीएल (IPL) के आयोजन का रास्ता साफ हो गया। इससे जहां एकतरफ आईपीएल के फैंस बेहद खुश थे। वहीं, भारत के धुर विरोधी पाकिस्तान इससे बेहद बौखलाया हुआ था। पाकिस्तान (Pakistan) को मिर्ची लगना स्वाभाविक है, क्योंकि पाकिस्तान के खिलाड़ियों की आईपीएल में खेलने की इजाजत नहीं है। टी-20 वर्ल्ड कप रद्द होने के बाद पाकिस्तान गहरे सदमे में है और पाकिस्तान के क्रिकेटर आईसीसी (ICC) और बीसीसीआई (BCCI) के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। ऐसा होना स्वाभाविक था, क्योंकि वर्ल्ड कप रद्द होने से इस बार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को राजस्व का बड़ा घाटा होगा। जबकि आईपीएल होने से दुनियाभर के क्रिकेटर कमाई करेंगे।

पाकिस्तान के खिलाड़ियों को फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं होगी। इसके मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ और पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा कि बीसीसीआई नहीं चाहता था कि मौजूदा दौर में टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेला जाए, बीसीसीआई ताकतवर बोर्ड है, जिसके दम पर उसने आईसीसी से अपनी बात मनवा ली। वहीं, एशिया कप के रद्द होने से भी पाकिस्तान को नुकसान ही हुआ। पाकिस्तान के पास 6 टीमों के महाद्वीपीय टूर्नामेंट के मेजबानी अधिकार थे, लेकिन कोविड-19 महामारी से उत्पन्न हुए हालात को देखते हुए पीसीबी बोर्ड ने इसे श्रीलंका से बदलने का फैसला किया गया।

चार इंटरनेशनल सीरीज पर पड़ेगा असर

कोरोना वायरस के कारण पूरा क्रिकेट जगत ठप्‍प हो गया था। हालांकि चार महीने के बाद इंग्‍लैंड और वेस्‍टइंडीज टेस्‍ट सीरीज से इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी हुई और अब इसके बाद से क्रिकेट फैंस के लिए एक के बाद एक राहतभरी खबर आने लगी। साउथ अफ्रीका में भी तीन टीम क्रिकेट मैच खेला गया था। वहीं, टी-20 वर्ल्ड कप के रद्द होने और आईपीएल की तारीख के सामने आते ही अब भारतीय व विदेशी खिलाड़ी हर कोई दुनिया की इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आईपीएल के आयोजन की तारीख से ऑस्‍ट्रेलिया, न्‍यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका बोर्ड समेत कई बोर्ड का सिरदर्द भी बढ़ गया है।

दरअसल, फ्यूचर टूर प्रोग्राम को देखें तो 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच आईपीएल होने से करीब 4 इंटरनेशनल सीरीज पर असर पड़ेगा। 125 भारतीय और 61 विदेशी खिलाड़ी आईपीएल में हिस्‍सा लेंगे और ये लगभग नामुमकिन है कि कोई बोर्ड अपने खिलाड़ी को इस साल आईपीएल में खेलने से रोके। यही नहीं आईपीएल में खेलने के लिए खिलाड़ी के साथ-साथ उनके बोर्ड भी मालामाल होते हैं। ऐसे में द्विपक्षीय सीरीज पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

वहीं, न्यूजीलैंड क्रिकेट (एनजेडसी), इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से अनुबंधित अपने सभी छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देगा, लेकिन बोर्ड ने साथ ही कहा कि खिलाड़ियों को स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों को लेकर स्वयं ही सतर्कता बरतनी होगी। आईपीएल में न्यूजीलैंड के जो छह खिलाड़ी खेलेंगे, उनमें किंग्स इलेवन पंजाब के जिमी नीशाम, कोलकाता नाइट राइडर्स के लॉकी फर्ग्युसन, मुंबई इंडियन्स के मिशेल मैकलेनाघन और ट्रेंट बोल्ट, सनराइजर्स हैदराबाद के केन विलियमसन और चेन्नई सुपरकिंग्स के मिशेल सेंटनर शामिल हैं।

आईपीएल से दूसरे देशों को भी फायदा

जब इस साल आईपीएल रद्द की बात हो रही थी, तब बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने कहा था कि अगर आईपीएल रद्द होता है, तो इससे बोर्ड को 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। आईपीएल से बीसीसीआई को जितनी कमाई होती है, उतनी कमाई उसे टीम इंडिया के सालभर होने वाले टूर्नामेंट से भी नहीं होती है। वहीं, इससे न होने से सिर्फ बीसीसीआई को ही नुकसान नहीं होता, बल्कि दूसरे देशों को भी नुकसान होता है। आईपीएल में 60 से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी खेल रहे हैं। इन खिलाड़ियों को करीब 250 करोड़ रुपए में खरीदा गया है। बीसीसीआई आईपीएल से मिलने वाले रेवेन्यू का कुछ हिस्सा अलग-अलग क्रिकेट बोर्ड के साथ शेयर करता है। इनसाइड स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में बीसीसीआई ने इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड के साथ शेयर होने वाले रेवेन्यू में 100% की बढ़ोतरी कर दी थी।

इससे बीसीसीआई पर करीब 25 करोड़ रुपए का खर्चा बढ़ गया था। बीसीसीआई सबसे ज्यादा 19.13 करोड़ रुपए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को देता है। आईपीएल में सबसे ज्यादा विदेशी खिलाड़ी भी ऑस्ट्रेलिया के ही खेलते हैं। इस साल 17 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी खेल रहे हैं। नेपाल क्रिकेट बोर्ड को बीसीसीआई की तरफ से 4 लाख रुपए मिलते हैं। नेपाल का सिर्फ एक ही खिलाड़ी आईपीएल खेलता है, जिसे 20 लाख रुपए में खरीदा है। आईपीएल से पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भी 12 करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं। 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ी भी खेले थे, जिन्हें 12.84 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। लेकिन, उसके बाद से आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक लगा दी गई।